कोविड वैक्सीन तभी लगवाऊंगा जब सर्टिफिकेट पर मोदीजी के चित्र की बजाय तिरंगा छापा जाएगाः अखिलेश यादव

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 30, 2021

प्रेस विज्ञप्ति इंडिया टीवी/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज एक नये विवाद को जन्म देते हुए कहा कि वह कोविड वैक्सीन तभी लगवाएंगे, जब वैक्सीन प्रमाणपत्र पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चित्र के स्थान पर राष्ट्रीय तिरंगा का चित्र लगाया जाएगा।

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अखिलेश यादव ने कहा, “हमारी सबसे बड़ी आपत्ति ये है कि बीजेपी के लोग गांवों में जाकर यह प्रचार करते हैं कि ये हमारी, बीजेपी की वैक्सीन है। ये तो हम सबके टैक्स की वैक्सीन है।”

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कुछ अखबारों में छपी इस रिपोर्ट पर टिप्पणी की कि इस बार बीजेपी के 150 विधायकों के टिकट कट सकते हैं। यादव ने कहा, “आज अखबारों में आया कि कम से कम 150 लोगों की सीटें हटने वाली है। 150 विधायकों को टिकट नहीं मिलेगा। हमें जो जानकारी है, 250 सीटें हटेंगी और अगर 250 विधायकों के टिकट कटे तो मुख्यमंत्री जी की विदाई का कार्यक्रम शुरु हो जाएगा।”

यह पूछने पर कि क्या समाजवादी पार्टी इनमें से कुछ को टिकट देगी, अखिलेश यादव ने कहा, “जो जीतने वाले हैं, वही लेंगे. सबको थोड़े ही ले सकते हैं?”

बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यूपी में सरकार सभी मोर्चों पर विफल सिद्ध हुई है। “ये समय काटने आए थे. समय कट गया. अब दोबारा नहीं आएंगे।''

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि कोविड महामारी की दूसरी लहर के समय उतर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। ''लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लोगों ने देखा, लाशें जल रही थीं। सरकार इन्तजाम नहीं कर पाई। तस्वीरें छिपाने के लिए सरकार टिनशेड लगवा रही थीं, बैरिकेडिंग कर रही थी। केवल भारत नहीं, पूरी दुनिया ने देखा, जब मां गंगा में लाशें बह रही थीं। जब बीजेपी नेताओं से पूछा गया, तो बोले ये बिहार से आई लाशें हे, यूपी की लाशें नहीं। वो साफ झूठ बोल रहे थे। ये झूठ के फूल हैं। ये फूल बीजेपी के नहीं, ये झूठ के फूल हैं।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष ने कहा, ''सरकार न दवा, न बैड, न ऑक्सीजन का इन्तजाम कर पाई। रेमडेसिविर इंजेक्शन की खुल कर कालाबाजारी हो रही थी। ऑक्सीजन नहीं थी, लोगों को खुद सिलेंडर का इंतजाम करना पडा। स्वास्थ्य सेवाएं चौपट थीं। मुख्यमंत्री जितने अस्पातालों में गए, वे सब अस्पताल समाजवादी सरकार ने बनाए थे। यूपी में ड़ॉक्टर नहीं, अधिकारी रेमडेसिविर इंजेक्शन बांट रहे थे।

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अखिलेश यादव ने बाताया कि इस साल उनके जन्मदिवस पर बहुत से अधिकारियों ने उन्हें बधाई संदेश भेजा। ''ये बधाई आने वाली सरकार के संकेत हैं। समाजवादी पार्टी के लोग 400 सीटें जीतने जा रहे हैं... अधिकारियों को हमने बहुत बदलते देखा है। पहले जनता की सुनवाई हो जाती थी, अब जनता की सुनवाई नहीं होती। अब कोई पूछ नहीं रहा... लोकसभा के इनके सांसद की प्रतापगढ में पिटाई हुई। गोरखपुर में सांसद और विधायक गांवों में घुस नहीं सकते।”

अखिलेश यादव ने बीजेपी के इन दावों का पुरजोर खंडन किया कि राज्य में जंगल राज खत्म हो चुका, और अब कानून और व्यवस्था बहाल हुई है।  “नैशनल क्राइम रिकॉर्डस ब्यूरो के मुताबिक, महिलाओ, बेटियों पर अत्याचारों के मामले में यूपी में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ। सबसे ज्यादा कस्टोडियल डैथ (पुलिस हिरासत में मौत) यूपी में हुई। सबसे ज्यादा NHRC के नोटिस यूपी को भेजे गए।  गोरखपुर में आज एक व्यपारी मनीष गुप्ता को पुलिस ने उनके घर में पीट पीट कर मार डाला। गोरखपुर मुख्यमंत्री का क्षेत्र है। इसकी क्या जांच कराएंगे? पुलिस ने पीट-पीट कर कैसे मारा, उस की जांच कराएंगे ?”

अखिलेश यादव ने बीजेपी नेताओं को चुनौती दी कि वे यूपी में पिछले साढे चार साल के दौरान एक भी ऐसे बिजली प्लांट का नाम बताएं जो उन्होने चालू किया। ''सारे बिजली प्लांट समाजवादी पार्टी सरकार के समय चालू हुए थे।''

ये पूछे जाने पर कि सपा सरकार ने केवल उनके गृह नगर सैफई का ही विकास क्यों किया, अखिलेश यादव ने उल्टे सवाल किया – “सैफई की तरह आपने पूरे उत्तर प्रदेश को क्यों नही बनाया ? आपकी डबल इंजिन की सरकार है.. आज हालत ये है कि मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में बारिश के समय लोगों को नावों से जाना पड़ा।”

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