All England Final: चोट के बावजूद दिलेरी से लड़े Lakshya Sen, खिताब हारे पर दिल जीता

By Ankit Jaiswal | Mar 09, 2026

ऑल इंग्लैंड खुली बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत के युवा खिलाड़ी लक्ष्य सेन का शानदार अभियान फाइनल में हार के साथ समाप्त हो गया। ताइवान के लिन चुन यी ने निर्णायक मुकाबले में उन्हें हराकर खिताब अपने नाम किया।

गौरतलब है कि इस हार के साथ भारत का पुरुष एकल वर्ग में ऑल इंग्लैंड खिताब का इंतजार अभी भी रहेगा। मौजूद जानकारी के अनुसार अब तक केवल दो भारतीय खिलाड़ी ही यह प्रतिष्ठित खिताब जीत पाए हैं। प्रकाश पादुकोण ने वर्ष 1980 में और पुलेला गोपीचंद ने वर्ष 2001 में यह उपलब्धि हासिल की थी।

दरअसल लक्ष्य सेन के लिए यह दूसरा मौका था जब वह इस ऐतिहासिक बैडमिंटन प्रतियोगिता के फाइनल तक पहुंचे। इससे पहले वर्ष 2022 में भी वह खिताब के करीब पहुंचे थे, लेकिन उस समय उन्हें डेनमार्क के खिलाड़ी विक्टर एक्सेलसन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।

इस बार लक्ष्य सेन का अभियान बेहद दमदार रहा। बता दें कि टूर्नामेंट के पहले ही दौर में उन्होंने दुनिया के शीर्ष खिलाड़ी शी युकी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। यह मुकाबला काफी रोमांचक रहा और लगभग डेढ़ घंटे तक चला, जिसमें भारतीय खिलाड़ी ने साहस और रणनीति का शानदार प्रदर्शन किया।

इसके बाद दूसरे दौर में उनका सामना हांगकांग के खिलाड़ी एंगस एनजी का लोंग से हुआ। मौजूद जानकारी के अनुसार इस खिलाड़ी के खिलाफ लक्ष्य सेन का रिकॉर्ड पहले बेहतर नहीं रहा था, लेकिन इस बार भारतीय खिलाड़ी ने वापसी करते हुए निर्णायक गेम में शानदार जीत हासिल की।

क्वार्टर फाइनल में चीन के ली शिफेंग के खिलाफ लक्ष्य सेन ने बेहद संतुलित खेल दिखाया। उन्होंने लंबी रैलियों और सटीक शॉट्स के सहारे मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा और सीधे गेम में जीत दर्ज की है।

वहीं सेमीफाइनल मुकाबला कनाडा के खिलाड़ी विक्टर लाई के खिलाफ बेहद लंबा और थकाने वाला रहा है। दोनों खिलाड़ियों के बीच कई लंबी रैलियां देखने को मिलीं और एक समय तो 80 से अधिक शॉट्स की रैली भी हुई। इस दौरान लक्ष्य सेन को पैरों में ऐंठन की समस्या भी हुई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अंत तक संघर्ष करते हुए जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई है।

फाइनल मुकाबले में ताइवान के लिन चुन यी ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया। लक्ष्य सेन ने दूसरे गेम में शानदार वापसी भी की, लेकिन निर्णायक क्षणों में वह बढ़त को जीत में नहीं बदल सके। मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंचा, जहां दोनों खिलाड़ी बराबरी पर रहे, लेकिन अंत में ताइवान के खिलाड़ी ने बाजी मार ली।

मुकाबले के बाद लक्ष्य सेन ने स्वीकार किया कि वह पूरी तरह फिट नहीं थे। उनका कहना था कि पिछले मुकाबले के दौरान पैरों में ऐंठन की समस्या हुई थी और शरीर पूरी तरह ठीक नहीं हो पाया था, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश की।

हालांकि फाइनल में हार के बावजूद लक्ष्य सेन का प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन के लिए काफी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। गौरतलब है कि उन्होंने इस प्रतियोगिता में कई शीर्ष खिलाड़ियों को हराया और दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।

फिलहाल भारत को ऑल इंग्लैंड पुरुष एकल खिताब के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा, लेकिन मौजूद प्रदर्शन यह संकेत जरूर देता है कि लक्ष्य सेन भविष्य में इस लंबे इंतजार को समाप्त करने की क्षमता रखते हैं।

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