By अभिनय आकाश | Sep 13, 2025
पुरानी कहावत है कि दोस्ती और व्यापार दोनों बराबरी पर टिकते हैं। लेकिन जहां बराबरी टूटती है तो रिश्तों में खटास आ जाती है। ये कहानी आज भारत और अमेरिका की है। एक तरफ जहां दोनों देश दुनिया के सबसे बड़ा साझेदार कहलाते हैं। वहीं ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ ठोक रखा है। अमेरिका ने ये कदम भारत पर दबाव बनाने की कोशिश के तहत उठाया है। अब अमेरिका ने भारत के सामने नई शर्त रख दी है। भारत को रूस से तेल लेना बंद करना होगा और अमेरिकी तेल, पेट्रोलियम प्रोडक्ट और एलएनजी खरीदनी होगी। दरअसल, 27 अगस्त से अमेरिका ने भारत पर टैरिफ दोगुना कर दिया। पहले 25 प्रतिशत था फिर उसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया। भारत रूस से सस्ता तेल खरीद रहा है।
गोर ने कहा कि संभावनाएं अनंत हैं...हम इन चल रही व्यापार वार्ताओं में अपने कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और एलएनजी के लिए (भारतीय) बाज़ार खोलने का पूरा इरादा रखते हैं। गोर ने भारत की मध्यम वर्गीय आबादी पर प्रकाश डालते हुए कहा। हमारे पास उन बाज़ारों में विस्तार करने की अनगिनत संभावनाएं हैं और हम ऐसा करने का पूरा इरादा रखते हैं। भारत और रूस के बीच संबंधों में सुधार का संकेत देते हुए, सर्जियो गोर ने दोहराया कि डोनाल्ड ट्रंप चाहते हैं कि भारत रूस के साथ अपना तेल व्यापार बंद कर दे। गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि भारत को रूसी तेल खरीदना बंद कर देना चाहिए।