मुंबई के बाद 'मिशन बिहार' पर सबकी निगाहें, नीतीश कुमार की पलटी के बाद पहली बार प्रदेश में एंट्री मार रहे हैं अमित शाह

By अभिनय आकाश | Sep 08, 2022

नीतीश कुमार के एनडीए से अलग होने के बाद बीजेपी बिहार में अपनी रणनीति फिर से तैयार कर रही है। 2024 के आम चुनाव से पहले बीजेपी बिहार को लेकर नये सिरे से रणनीति बनाने में लगी है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेता इस महीने बिहार का दौरा करने वाले हैं। बीते महीने सीएम नीतीश कुमार द्वारा एनडीए से नाता तोड़ महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद बीजेपी बिहार में प्रमुख विपक्षी दल बन गई है। बिहार की नई महागठबंधन सरकार में जेडीयू के अलावा राजद, कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल हैं। 

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ज्ञात हो कि जनता दल (यूनाइटेड) ने 9 अगस्त को सर्वसम्मति से भाजपा के साथ संबंध तोड़ने का फैसला किया और नीतीश कुमार की पार्टी ने सत्ता के आश्चर्यजनक परिवर्तन के तहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ हाथ मिलाया। 2020 में जब भाजपा-जद (यू) ने संयुक्त रूप से बिहार के लिए विधानसभा चुनाव जीता था और भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया था। नरेंद्र मोदी के गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने 2013 में पहली बार एनडीए को छोड़ दिया था और फिर 2017 में राजद-कांग्रेस गठबंधन को एनडीए में वापस जाने के लिए छोड़ दिया था।

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नीतीश कुमार द्वारा भाजपा पर उनकी पार्टी को विभाजित करने की कोशिश करने का आरोप लगाने और पूर्व केंद्रीय मंत्री और जद (यू) नेता आरसीपी सिंह के भगवा खेमे के साथ सांठ-गांठ करने का आरोप लगाने के बाद दोनों सहयोगी दलों के बीच नोकझोंक की शुरुआत हुई। कभी नीतीश कुमार के करीबी रहे सिंह ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद जल्द ही इस्तीफा दे दिया और स्वीकार किया कि भाजपा में शामिल होना एक विकल्प है। 

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