मुंबई के बाद 'मिशन बिहार' पर सबकी निगाहें, नीतीश कुमार की पलटी के बाद पहली बार प्रदेश में एंट्री मार रहे हैं अमित शाह

By अभिनय आकाश | Sep 08, 2022

नीतीश कुमार के एनडीए से अलग होने के बाद बीजेपी बिहार में अपनी रणनीति फिर से तैयार कर रही है। 2024 के आम चुनाव से पहले बीजेपी बिहार को लेकर नये सिरे से रणनीति बनाने में लगी है। इसी क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेता इस महीने बिहार का दौरा करने वाले हैं। बीते महीने सीएम नीतीश कुमार द्वारा एनडीए से नाता तोड़ महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद बीजेपी बिहार में प्रमुख विपक्षी दल बन गई है। बिहार की नई महागठबंधन सरकार में जेडीयू के अलावा राजद, कांग्रेस और वामपंथी दल शामिल हैं। 

इसे भी पढ़ें: हो सकता है वो बीजेपी की मदद करना चाहते हों, प्रशांत किशोर पर नीतीश कुमार का तीखा हमला, कहा- ABC भी नहीं पता

अमित शाह 23 सितंबर, 2022 को बिहार का दौरा करने वाले हैं। स्मृति ईरानी के भी कुछ दिन पहले 18 सितंबर को पीएम नरेंद्र मोदी पर एक किताब का विमोचन करने की उम्मीद है। इससे पहले 7 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी मुख्यालय में एक बैठक में, शाह ने मंत्रियों से 2019 में हार गई पार्टी की 144 सीटों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा है। इससे अटकलें तेज हो गई हैं कि आने वाले महीनों में पार्टी के काम के लिए कुछ का मसौदा तैयार किया जा सकता है। बैठक में शाह ने कई मंत्रियों द्वारा पार्टी संगठन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने निर्वाचन क्षेत्रों में समय नहीं बिताने पर नाराजगी व्यक्त की। शाह ने सभी मंत्रियों को स्पष्ट किया कि यह उनकी जिम्मेदारी है कि वे मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों से समझौता किए बिना संगठन का काम पूरा करें।

इसे भी पढ़ें: नीतीश ने विपक्षी दलों से साथ आने की अपील की, कहा- थर्ड फ्रंट नहीं, अब मेन फ्रंट बनेगा

ज्ञात हो कि जनता दल (यूनाइटेड) ने 9 अगस्त को सर्वसम्मति से भाजपा के साथ संबंध तोड़ने का फैसला किया और नीतीश कुमार की पार्टी ने सत्ता के आश्चर्यजनक परिवर्तन के तहत राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के साथ हाथ मिलाया। 2020 में जब भाजपा-जद (यू) ने संयुक्त रूप से बिहार के लिए विधानसभा चुनाव जीता था और भाजपा सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया गया था। नरेंद्र मोदी के गठबंधन के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने 2013 में पहली बार एनडीए को छोड़ दिया था और फिर 2017 में राजद-कांग्रेस गठबंधन को एनडीए में वापस जाने के लिए छोड़ दिया था।

इसे भी पढ़ें: प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर नीतीश कुमार की 'ना', 'ना' में ही छिपी हुई उनकी 'हाँ'

नीतीश कुमार द्वारा भाजपा पर उनकी पार्टी को विभाजित करने की कोशिश करने का आरोप लगाने और पूर्व केंद्रीय मंत्री और जद (यू) नेता आरसीपी सिंह के भगवा खेमे के साथ सांठ-गांठ करने का आरोप लगाने के बाद दोनों सहयोगी दलों के बीच नोकझोंक की शुरुआत हुई। कभी नीतीश कुमार के करीबी रहे सिंह ने भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद जल्द ही इस्तीफा दे दिया और स्वीकार किया कि भाजपा में शामिल होना एक विकल्प है। 


All the updates here:

प्रमुख खबरें

Assam CM Himanta का बयान, PM Modi के रहते हमारी जीत को कोई दीवार रोक नहीं सकती

Horoscope 15 February 2026 Aaj Ka Rashifal: सभी 12 राशियों का कैसा रहेगा आज का दिन, पढ़ें आज का राशिफल

आखिर सेवा तीर्थ से उपजते सियासी सवालों के जवाब कब तक मिलेंगे?

Amit Shah का Rahul Gandhi पर बड़ा हमला, बोले- व्यापार समझौतों पर फैला रहे हैं भ्रम