By नीरज कुमार दुबे | Sep 30, 2024
लोकतंत्र में किसी का विरोध तो जायज है लेकिन जब यह विरोध नफरत का रूप ले ले तो इसे कतई उचित नहीं ठहराया जा सकता। कहने को कांग्रेस नेता दावा करते हैं कि हम मोहब्बत की दुकान चला रहे हैं लेकिन जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नफरत व्यक्त की जाती है वह दर्शाती है कि कांग्रेस की कथनी और करनी में कितना अंतर है। कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्द ही नहीं कहते बल्कि कई बार उनके माता-पिता पर भी अमर्यादित टिप्पणी कर चुके हैं। प्रधानमंत्री के लिए कांग्रेस नेता मोदी तेरी कब्र खुदेगी जैसा नारा भी लगा चुके हैं। प्रधानमंत्री के खिलाफ जब भी कांग्रेस नेताओं की ओर से अमर्यादित बयान आते हैं तब-तब सवाल उठता है कि कांग्रेस आलाकमान ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं करता? लेकिन रविवार को जिस तरह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अपनी नफरत का इजहार किया उससे स्पष्ट हो गया कि जब पार्टी में शीर्ष स्तर पर ही नरेंद्र मोदी के खिलाफ नफरत कूट-कूट कर भरी हुई है तो अन्य नेता भी उसी नीति का अनुसरण करेंगे ही।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खरगे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए सही ही कहा है कि ‘‘कटु तरीके से नफरत दिखाते हुए’’ कांग्रेस अध्यक्ष ने यह कहकर अपने निजी स्वास्थ्य के मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम बिना वजह ही घसीटा कि वह मोदी को सत्ता से हटाने से पहले नहीं मरेंगे। हम आपको बता दें कि अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी ने अपने भाषण में ‘‘अत्यंत खराब और अपमानजनक व्यवहार’’ किया। उन्होंने कहा कि खरगे की टिप्पणी से पता चलता है कि कांग्रेस के लोगों में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति कितनी नफरत और डर है तथा वे लगातार उन्हीं के बारे में सोचते रहते हैं। गृह मंत्री ने कहा, ‘‘जहां तक खरगे जी के स्वास्थ्य का सवाल है, तो मोदी जी, मैं और हम सभी प्रार्थना करते हैं कि वह दीर्घायु हों और स्वस्थ जीवन जिएं। वह अनेक वर्षों तक जीवित रहें । वह 2047 तक विकसित भारत का निर्माण होता देखने के लिए जीवित रहें।’’ हम आपको यह भी बता दें कि खरगे का स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें फोन कर उनका हाल जाना था।