नई शिक्षा नीति का दृष्टिकोण सही लेकिन अनेक प्रावधानों को लागू करने का रास्ता स्पष्ट नहीं: सिब्बल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 31, 2020

नयी दिल्ली।  पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि नई शिक्षा नीति का दृष्टिकोण सही है लेकिन इसमें कई कागजी बातें हैं तथा अनेक प्रावधानों को लागू करने का रास्ता नहीं सुझाया गया है। सिब्बल ने कहा, ‘‘नयी शिक्षा नीति के बारे में मैं कहूंगा कि इसका दृष्टिकोण सही रास्ते पर जाता है। लेकिन इसके अनेक प्रावधानों एवं प्रस्तावों को लागू कैसे किया जायेगा... इसका रास्ता नहीं बताया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ इसमें कई कागजी बातें हैं जिन्हें लागू करना मुश्किल है।’’ गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को नयी शिक्षा नीति को मंजूरी दी थी। नयी शिक्षा नीति में पांचवीं कक्षा तक मातृया क्षेत्रीय में पढ़ाई, बोर्ड परीक्षा के भार को कम करने, विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में परिसर खोलने की अनुमति देने, विधि और मेडिकल को छोड़कर उच्च शिक्षा के लिये एकल नियामक बनाने, विश्वविद्यालयों के लिये साझा प्रवेश परीक्षा आयोजित करने सहित स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक अनेक सुधारों की बात कही गई है। 

इसे भी पढ़ें: नई शिक्षा नीति पर बोले अखिलेश यादव, अखिलेश यादव का आरोप, RSS का एजेंडा लागू करना है इसका मकसद

पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि नयी नीति में शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6 प्रतिशत खर्च करने का प्रस्ताव किया गया है लेकिन इसके लिये पैसा कहां से आयेगा, यह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दौरान शिक्षा पर जीडीपी का 3.2 प्रतिशत से अधिक खर्च होता था जबकि वर्तमान सरकार के दौरान शिक्षा बजट में आवंटन में कमी आई है। ऐसे में शिक्षा में जीडीपी का 6 प्रतिशत खर्च होने के अनुपालन को लेकर उन्हें संदेह है। सिब्बल ने कहा कि नीति में कम से कम पांचवीं कक्षा तक मातृया क्षेत्रीय में पढ़ाई की बात कही गई है जिसे बढ़ाकर आठवीं कक्ष तक किया जा सकता है.... लेकिन देश के अलग अलग स्थानों पर सरकारी कर्मचारियों के बच्चों को कठिनाई आयेगी क्योंकि उनके अभिभावकों का तबादला होता रहता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नीत संप्रग सरकार के दौरान देश बोर्ड परीक्षा समाप्त करने की ओर बढ़ा था लेकिन वर्तमान सरकार ने बोर्ड परीक्षा को फिर लागू कर दिया। अब नई नीति में फिर उसी दिशा में बढ़ रहे हैं। 

प्रमुख खबरें

वैवाहिक विवादों में कानून के दुरुपयोग पर Allahabad High Court सख्त, आगरा में दर्ज FIR रद्द

मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग, Akhilesh Yadav बोले निष्पक्ष संस्था पर भाजपा का दबाव

MP OBC Quota: 27 फीसदी आरक्षण रद्द करने के आदेश के खिलाफ Supreme Court जाएगी Congress

दिल्ली अदालत का फैसला: Sharjeel Imam की अंतरिम जमानत रद्द करने से इनकार