Asim Munir ने पाकिस्तान में एक और सुप्रीम कोर्ट बना दी! इमरान को अब ताउम्र जेल में ही रहना होगा?

By अभिनय आकाश | Nov 15, 2025

पाकिस्तान के 27वें संविधान संशोधन विधेयक की व्याख्या: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने 27वें संविधान संशोधन विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए, जिससे यह पाकिस्तान के संविधान का हिस्सा बन गया। यह विवादास्पद विधेयक फील्ड मार्शल असीम मुनीर की शक्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि करता है और उनके ऊपर एक और न्यायालय स्थापित करके सर्वोच्च न्यायालय की शक्तियों को कम करता है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने अब न्यायपालिका शिकंजा कस लिया मुनीर ने राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से 27वां संविधान संशोधन विधेयक पास करवा कर सुप्रीम कोर्ट के समानांतर संघीय संवैधानिक कोर्ट (एफसीसी) का गठन कर दिया। विधेयक पास होने के 24 घंटे के भीतर ही मुनीर ने दोबारा एफसीसी के चीफ जस्टिस के रूप में अमीनुदुद्दीन खान को शपथ दिलवा दी। पाक के इतिहास में पहली बार सीजे के शपथ क्षण समारोह में बतौर आर्मी चीफ मुनीर ने शिरकत की। 

पूर्व पीएम इमरान से जुड़े मामलों में मुनीर का कंट्रोल होगा

एफसीसी के अधिकार सभी संवैधानिक मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट नहीं एफसीसी में होगी। सुप्रीम कोर्ट किसी भी केस में में स्वप्रेरणा संज्ञान नहीं ले सकेगा। वे भी एफसीसी कर सकेगा। सुप्रीम कोर्ट के पास क्या लोअर और हाई कोर्ट से आने वाले दीवानी आप्यधिक मामलों की सुनवाई ही कर सकेगी। मुनीर को फायदा कैसे आर्मी से जुड़े सिविलियन मामलों की जांच भी एफसीसी में ही होगी। ऐसे में पूर्व पीएम इमरान खान से जुड़े आर्मी कैंट हमलों के सभी केस एफसीधी में चलेंगे। यानी मुनीर अपने विरोधी इमरान पा लबित किसी भी मामले में फैसले को प्रभावित कर सकेंगे। 27वें संविधान संशोधन से मुनीर पर किसी कोर्ट में केस नहीं चाल पाएगा।

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पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय में बदलाव

एक नया संघीय संवैधानिक न्यायालय (FCC) बनाया जा रहा है, जिसके अपने मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश होंगे, जिनकी नियुक्ति सरकार द्वारा की जाएगी। यह न्यायालय संविधान की व्याख्या और विभिन्न सरकारों, चाहे वे संघीय और प्रांतीय हों या दो राज्य सरकारों के बीच विवादों से संबंधित मामलों की सुनवाई करेगा। इस प्रकार, सर्वोच्च न्यायालय अब दीवानी और फौजदारी मामलों के लिए केवल अंतिम अपील न्यायालय है। FCC के निर्णय अन्य सभी न्यायालयों पर बाध्यकारी होंगे।

 

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