By अंकित सिंह | Jan 29, 2022
भले ही कृषि कानूनों को वापस ले लिया गया है। लेकिन भाजपा के लिए मुश्किलें अभी भी कम नहीं हो रही है। पंजाब और उत्तर प्रदेश के चुनाव में किसानों की नाराजगी भी भाजपा को झेलनी पड़ रही है। इन सब के बीच संयुक्त किसान मोर्चा ने एक बार फिर से भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 31 जनवरी को देशभर में विश्वासघात दिवस मनाने का ऐलान किया है। जानकारी के मुताबिक जिला और ब्लॉक स्तर पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भी किया जाएगा। माना जा रहा है कि इस विरोध प्रदर्शन में किसान मोर्चे से जुड़े सभी किसान संघ शामिल होंगे। विश्वासघात दिवस को कम से कम 500 जिलों में आयोजित करने का भी प्लान रखा गया है।
बताया जा रहा है कि अगर सरकार संयुक्त किसान मोर्चा की मांगों को पूरा करने में सफल नहीं होती है तो आंदोलन को फिर से शुरू किया जा सकता है। किसान संगठन लगातार एमएसपी को लेकर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही किसान आंदोलन में शहीद हुए लोगों के परिवारों को मुआवजा देने की भी मांग की गई थी जिस पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। यही कारण है कि किसान संगठन विश्वासघात दिवस के माध्यम से सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।