उपचुनाव से पहले बीजेपी में टिकटों के लिए चल रही है उठापटक, बंद कमरों में हो रही है चर्चा

By सुयश भट्ट | Oct 02, 2021

भोपाल। मध्य प्रदेश में 4 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के टिकटों के लिए घमासान मचा हुआ है। कांग्रेस और बीजेपी दोनो में ही उठापटक चल ही रही है। पार्टी बंद कमरे में बैठकें कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने शुक्रवार को चारों सीटों पर उम्मीदवारों का चयन करने के लिए स्थानीय नेताओं के साथ चर्चा की।

जानकारी के मुताबिक प्रदेश अध्यक्ष ने जिला अध्यक्षों, सांसद, विधायक, महापौर, नगर पालिक अध्यक्ष व प्रदेश पदाधिकारियों को भोपाल बुलाकर सभी से अलग-अलग बंद कमरे में चर्चा की। इस दौरान उन्होंने चारों सीट पर सभी से तीन-तीन नाम मांगे।

दरअस प्रदेश की आदिवासी सीट जोबट के अलावा खंडवा लोकसभा सीट में भी बड़ी संख्या में आदिवासी वोटर हैं। इस लोकसभा क्षेत्र में बुरहानपुर, नेपानगर, खंडवा, पंधाना, मांधाता के अलावा देवास जिले की बागली और खरगोन की भीकनगांव और बड़वाह विधानसभा सीट शामिल है। इसमें से बागली, खंडवा और पंधाना में आदिवासी वोटरों की संख्या ज्यादा है।

इसे भी पढ़ें:MP के बीजेपी प्रदेश प्रभारी का 4 दिवसीय दौरा, विभिन्न बैठकों और सम्मेलनों में रहेंगे शामिल 

देखा जा रहा है कि बीजेपी आदिवासी वोट बैंक को साधने की रणनीति पर काम कर रही है। और इसका फायदा उपचुनाव के अलावा 2023 के विधानसभा चुनाव में मिल सके। यही वजह होगी कि गृह मंत्री अमित शाह ने आदिवासियों के लिए प्रदेश में बड़ी घोषणाएं की है।

इसे भी पढ़ें:कन्हैया कुमार पर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कसा तंज, कहा - मैं सिर्फ सहानुभूति रख सकता हूं 

 खंडवा लोकसभा से अनुमानित दावेदार

 स्व नंदकुमार सिंह चौहान के पुत्र हर्षवर्धन सिंह चौहान, पूर्व मंत्री अर्चना चिटनिस, पूर्व महापौर कृष्ण मुरारी मोघे, पूर्व महापौर भावना विजय शाह।

पृथ्वीपुर विधानसभा से अनुमानित दावेदार

गणेशीलाल नायक, शिशुपाल यादव, रौशनी यादव, अनीता नायक। 

जोबट विधानसभा से अनुमानित दावेदार

नागर सिंह चौहान और दीपक चौहान के नाम पर चर्चा हुई । नागर सिंह दो बार विधायक रहे हैं।

रैगांव विधानसभा से अनुमानित दावेदार

विधायक स्व. जुगलकिशोर बागड़ी के परिवार से किसी को टिकट दिया जाएगा। इनके परिवार में एक से अधिक दावेदार हैं।

प्रमुख खबरें

L&T का बड़ा ऐलान: Middle East संकट से Growth पर लगेगा ब्रेक, आय का अनुमान घटाया

FIFA World Cup 2026 प्रसारण पर फंसा पेंच, क्या सरकारी चैनल DD Sports बनेगा आखिरी सहारा?

Google DeepMind में बगावत: Military AI सौदे पर भड़के कर्मचारी, बनाई शक्तिशाली Union

AI की जंग में Anthropic का नया दांव, OpenAI को टक्कर देने के लिए Banking Sector में उतारे नए Tools