By रेनू तिवारी | May 04, 2026
पश्चिम बंगाल की दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। निर्वाचन आयोग द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मान्टेश्वर सीट पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी शिकस्त देकर चौंका दिया है, जबकि भगवांगोला सीट पर ममता बनर्जी की पार्टी ने अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी है।
मौजूदा मंत्री की हार ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में तृणमूल के सामने आने वाली चुनौतियों को रेखांकित किया। मुर्शिदाबाद जिले के भगवांगोला निर्वाचन क्षेत्र में, तृणमूल कांग्रेस के रेयात हुसैन सरकार ने माकपा के उम्मीदवार महामुदल हसन को 56,407 वोटों के अंतर से हराकर शानदार जीत हासिल की। इस शानदार जीत ने राज्य भर में व्यापक चुनावी चुनौती का सामना करने के बावजूद चुनिंदा क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ को उजागर किया है।
निर्वाचन आयोग के इन नतीजों ने बंगाल की राजनीति के दो अलग-अलग पहलुओं को उजागर किया है। एक तरफ मान्टेश्वर में भाजपा की बढ़ती स्वीकार्यता और तृणमूल की आंतरिक कमजोरी सामने आई है, तो दूसरी तरफ भगवांगोला ने यह साबित किया है कि तृणमूल का संगठन अब भी राज्य के बड़े हिस्से में विपक्षी खेमे को धराशायी करने की क्षमता रखता है।
इन परिणामों के बाद अब दोनों ही दलों ने आगामी रणनीतियों पर काम करना शुरू कर दिया है, विशेषकर उन सीटों पर जहाँ जीत का अंतर कम रहा है या जहाँ उलटफेर देखने को मिले हैं।