पाकिस्तान भागने की फिराक में था भोपाल का कथित पत्रकार,नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण का है आरोपी

By दिनेश शुक्ल | Jul 16, 2020

भोपाल। नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण का आरोपी कथित पत्रकार पुलिस की गिरफ्त आ गया है। जिसे मध्य प्रदेश पुलिस ने कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि भोपाल का रहने वाला यह कथित पत्रकार पाकिस्तान भागने की फिराक में था। रसूखदारों और राजनीतिक संबंधों के चलते प्यारे मियां नाम का यह कथित पत्रकार नाबालिग लड़कियों से यौन शोषणा का मामला खुलने के बाद भोपाल से फरार हो गया था। जिसे बुधवार को कश्मीर के श्रीनगर में पकड़ा गया। प्यारे मियां गिरफ्तारी से बचने के लिए आखिर जम्मू-कश्मीर भागा यह गुत्थी अभी भी सुलझी नहीं है। वही प्यारे मियां की श्रीनगर से गिरफ्तारी होने के बाद केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी चौकन्नी हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल इंटेलिजेंस ने प्रदेश के गृह मंत्रालय से प्यारे मियां की पूरी रिपोर्ट तलब की है। जबकि इस मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी प्यारे मियां से सख्ती से पूछताछ के बाद अपनी रिपोर्ट सेंट्रल इंटेलिजेंस को भेजेगी।

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बताया जा रहा है कि प्यारे जिन नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म करता था, उनसे खुद को 'अब्बू' कहलवाता था। इसकी वजह यह थी कि कोई उस पर शक न कर सके। प्यारे मियां लड़कियों के घर भी जाता था और लड़कियों के माता-पिता का भरोसा जीतने के लिए उनके घरों में होने वाले पूजा-पाठ में भी शामिल होता था। पुलिस जांच में प्यारे मियां की करोड़ों की संपत्तियां का खुलासा हुआ है। वही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद  अब तक उसके दो शादी हॉल, दो फ्लैट और तीन मंजिला एक बिल्डिंग गिरा दिए गए हैं। जो अवैध रूप से निर्मित किए गए थे। इसके अलावा, भोपाल के श्यामला हिल्स, तलैया, कोहेफिजा, शाहपुरा, ऐशबाग और इंदौर में कुछ प्रॉपर्टी होने की जानकारी मिली है। ऐशबाग स्टेडियम के पास भी प्यारे मियां के एक अन्य शादी हॉल को भी प्रशासन ने तोड़ा है। 

 

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जनाकारी के मुताबिक प्यारे मियां के बारे में बताया जाता है कि करीब 35 साल पहले वह 400 रुपए महीने की नौकरी करता था। धीरे-धीरे उसने राजनीतिक लोगों से संपर्क बढ़ाने शुरू कर दिए और पत्रकार बन गया। इन्हीं रसूखदार और राजनीतिक लोगों की सह पाकर उसने कई सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लिया यहीं नहीं साल 2002 में मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने उससे काफी जद्दोजहद के बाद अपना एक वीआईपी परिसर खाली करवाया था। लेकिन उसने इस भवन को अपना आलीशान घर बना लिया था। सबसे पहले उसने यहां एक अंग्रेजी अखबार के दफ्तर का बोर्ड लगाया। बाद में दैनिक ‘अफकार’ नाम के अखबार का बोर्ड टांग लिया। यहां उसकी दो पत्नियां और उनके बच्चे रहते थे। विधानसभा सचिवालय ने जब प्यारे मियां को परिसर खाली करने का नोटिस भेजा तो उसने अदालत की शरण ली। हालांकि, अदालत ने उसकी याचिका को खारिज करते हुए परिसर खाली करने का आदेश दिया। लेकिन सत्ता शीर्ष तक पहुंच की वजह से सचिवालय को यह परिसर खाली कराने में काफी समय लगा। आखिरकार तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष और सदस्य सुविधा शाखा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विधानसभा के सुरक्षा विभाग (मार्शल) और पुलिस के साझा ऑपरेशन से परिसर को खाली करवाया गया। इस दौरान परिसर से लगभग 40 पेटी विदेशी शराब और आपत्तिजनक दस्तावेज भी बरामद हुए थे।

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नाबालिग लड़कियों के साथ यौन शोषण का मामला खुलने के बाद पुलिस कार्रवाई के डर से प्यारे मियां भोपाल छोड़कर फरार हो गया था। भोपाल के पास सिहोर जिले के आष्टा में उसकी कार मिली थी। माना जा रहा था कि प्यारे मियां इंदौर में कहीं छुपा हो सकता है। लेकिन जम्मू-कश्मीर में मिलने के बाद एडीजी भोपाल रेंज उपेंद्र जैन ने बताया कि प्यारे आष्टा से प्राइवेट टैक्सी से इंदौर पहुंचा। यहां से वह फ्लाइट से मुंबई गया। मुंबई से दूसरी फ्लाइट से दिल्ली आ गया। फिर तीसरी फ्लाइट से सोमवार को श्रीनगर जा पहुंचा। पुलिस सूत्रों की माने तो पुलिस को प्यारे मियां की लगातार लोकेशन तो मिल रही थी, लेकिन वह हर बार बदल रही थी। ऐसे में साइबर टीम को भी इस अभियान में जोड़ा गया। मंगलवार रात पुलिस को जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में प्यारे की लास्ट लोकेशन मिली। उसके विदेश भागने की आशंका को देखते हुए पुलिस पहले ही लुकआउट नोटिस जारी कर चुकी थी।कश्मीर के श्रीनगर में स्थानीय पुलिस की मदद से प्यारे को एक होटल से बुधवार दोपहर गिरफ्तार किया गया।

जबकि नाबालिग लड़कियों से यौन शोषण के आरोपी प्यारे मियां को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त रूख अपनाते हुए कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद राज्य सरकार के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी अधिमान्यता कार्ड को रद्द करते हुए आवंटित शासकीय मकान को भी खाली करवाया गया था। प्यारे मियां पर यह आरोप लगाने वाली नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड हेल्पलाइन के संरक्षण में रखा गया है। सूत्रों की माने तो कथित पत्रकार प्यारे मियां के साथ कई रसूखदार लोग जुड़े हुए है जो नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करते थे। इन रसूखदारों में राजनीतिक पार्टीयों के नेता और समाचार पत्रों के मालिकों, कई अधिकारियों और व्यापारियों के शामिल होने की बात भी कही जा रही है। 

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