By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 14, 2026
भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने असम के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की, जहां भीषण बाढ़ के कारण अब तक 103 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमालयी देश के राजा ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन के असर से क्षेत्र को होने वाले साझा खतरों और भविष्य में इससे निपटने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समर्थन के लिए पड़ोसी देश का शुक्रिया अदा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने असम और भूटान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया।
इन चुनौतियों का हम सभी को मिलकर सामना करना होगा और आने वाले समय में भी लगातार इससे निपटना होगा।’’ उन्होंने तीन अगस्त को लिखे गए पत्र में कहा, ‘‘भारी नुकसान और तबाही के बावजूद, संकट की इस घड़ी में राज्य ने जिस तरह से इसका सामना किया, आपने जिस मजबूती और संकल्प के साथ इसका नेतृत्व किया वह प्रशंसनीय है।’’ वांगचुक ने कहा कि भूटान असम के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और राज्य के पुनर्निर्माण और इससे उबरने की कोशिशों में अपना पूरा समर्थन तथा दोस्ती का हाथ बढ़ाता है। इस एकजुटता के लिए आभार जताते हुए शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘हाल में आई बाढ़ से उबर रहे असम के लिए भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के स्नेहपूर्ण शब्दों और समर्थन के संदेश से मैं बहुत प्रभावित हुआ हूं।’’ उन्होंने असम और भूटान के बीच ‘‘बेहद आत्मीय रिश्ते’’ का जिक्र किया जो ‘‘इतिहास से जुड़ा हुआ है, भौगोलिक जुड़ाव के कारण मजबूत हुआ है और दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पीढ़ियों से जारी मित्रता से मजबूत हुआ है।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘असम के लोगों की ओर से मैं इस कठिन समय में हमारे साथ एकजुटता और मित्रता के साथ खड़े रहने के लिए महामहिम और भूटान के लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।