Bihar में Sewa Sankalp के तहत 1.65 लाख कार्यों पर खर्च होंगे 6654 करोड़ रुपये

By प्रेस विज्ञप्ति | Oct 29, 2026

पटना, 29 अक्टूबर।  बिहार में सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों को अधिक सुदृढ़, सुव्यवस्थित एवं जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से संचालित ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ कार्यक्रम के तहत राज्यभर में चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक की गई। विभिन्न विभागों के अंतर्गत चिह्नित कार्यों की वर्तमान स्थिति, तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया तथा कार्यों के समयबद्ध क्रियान्वयन से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और विभागीय समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष ध्यान

विभागवार आंकड़ों के अनुसार, शिक्षा विभाग के अंतर्गत सर्वाधिक 77,473 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पंचायती राज विभाग के 31,941, ग्रामीण विकास विभाग के 17,213, समाज कल्याण विभाग (आईसीडीएस) के 15,014 तथा स्वास्थ्य विभाग के 12,946 कार्य शामिल हैं। शेष कार्य नगर विकास एवं आवास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण तथा विभिन्न कल्याण विभागों से संबंधित हैं।


शिक्षा विभाग के अंतर्गत विद्यालय भवनों एवं कक्षाओं की मरम्मत और रंगाई-पुताई के 53,529 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इसके साथ ही 4,632 चहारदीवारी निर्माण, 3,397 पेयजल एवं विद्युत सुविधाओं को क्रियाशील बनाने, 3,239 रसोई शेड के रखरखाव, 2,819 नए शौचालयों तथा 2,002 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं। इन प्रयासों से विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने और विद्यार्थियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों की मरम्मत, रंगाई-पुताई एवं रखरखाव के 8,647 कार्य चिह्नित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त सफाई एवं रखरखाव के 2,324 कार्य और 571 नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण से जुड़े कार्य शामिल हैं। पेयजल, शौचालय, संकेतक, मरीजों के बैठने की व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इससे स्वास्थ्य संस्थानों की आधारभूत संरचना को मजबूत करने और मरीजों को अधिक सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।

लंबित स्वीकृतियों के निष्पादन और समयबद्ध पूर्णता पर जोर

28 अक्टूबर 2026 तक उपलब्ध पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, 29,864 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 4,753 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। वहीं, 57,972 कार्य तकनीकी स्वीकृति तथा 21,060 कार्य प्रशासनिक स्वीकृति की प्रतीक्षा में दर्ज हैं। इन आंकड़ों के आधार पर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
समीक्षा में इस बात पर जोर दिया गया कि संबंधित विभाग स्वीकृति की प्रक्रिया में आ रही बाधाओं की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करें। स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के साथ निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

सार्वजनिक परिसंपत्तियों को अधिक उपयोगी बनाने की पहल

‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प’ कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य केवल भवनों का निर्माण या मरम्मत करना नहीं, बल्कि विद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों और अन्य सरकारी परिसंपत्तियों को बेहतर स्थिति में लाकर उनकी उपयोगिता बढ़ाना है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं का सुदृढ़ीकरण नागरिकों को बेहतर सेवाएं प्रदान करने और सार्वजनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। विकास आयुक्त ने संबंधित विभागों से अपेक्षा की कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्यों के क्रियान्वयन में तेजी लाएं तथा गुणवत्ता, समयबद्ध पूर्णता और नियमित अनुश्रवण को प्राथमिकता दें। कार्यक्रम की सफलता का वास्तविक आकलन इस आधार पर होना चाहिए कि चिह्नित कार्य कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरे होते हैं तथा उनसे आम नागरिकों को कितना प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।

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