By प्रेस विज्ञप्ति | Oct 30, 2026
‘खेत बचाओ, जीवन बचाओ’ के संकल्प को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से ज्ञान भवन, पटना में ‘खेत बचाओ अभियान’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में माननीय बिहार विधान सभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार तथा माननीय मंत्री लघु जल संसाधन विभाग डॉ. संतोष कुमार सुमन की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसकी अध्यक्षता कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल ने की। माननीय कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा जी ने खेत बचाओ अभियान -सह- कृषि जन कल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान किसानों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। साथ ही, उन्होंने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी क्रियान्वयन एवं किसानों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
सिन्हा ने बीजों की गुणवत्ता और किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीज वितरण एवं आपूर्ति में किसी भी तरह की अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में जवाबदेही तय की जाएगी। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को उर्वरक निर्धारित एवं उचित मूल्य पर उपलब्ध कराना तथा इसकी निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उर्वरक की कालाबाजारी, जमाखोरी, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली और वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बिहार में इस अभियान का शुभारंभ मुजफ्फरपुर से किया गया। अभियान के माध्यम से राज्यभर में किसानों के बीच खेतों एवं मिट्टी के संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य में सुधार तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के प्रति व्यापक जागरूकता का प्रसार किया गया। सिन्हा ने कहा कि भारत सरकार के आह्वान पर 22 अक्टूबर से देशव्यापी "खेत बचाओ अभियान" का शुभारंभ हुआ है। बिहार में भी इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से गाँव-गाँव तक पहुँचाया जा रहा है। आज पटना की धरती से हम इस अभियान को और गति देने तथा किसानों को खेतों एवं मिट्टी के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संकल्प लेते हैं। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक संचालित किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि मिट्टी का स्वस्थ रहना हमारी कृषि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसके संरक्षण के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार के सभी 38 जिलों के 629 पीएम श्री एवं राजकीय विद्यालयों में मिनी मिट्टी जाँच प्रयोगशालाएँ स्थापित की जाएँगी। इससे विद्यार्थी मिट्टी की गुणवत्ता को वैज्ञानिक तरीके से समझेंगे और उसके संरक्षण में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित होंगे। मुझे प्रसन्नता है कि इस दिशा में पहले ही 160 पीएम श्री उच्च विद्यालयों में ऐसी प्रयोगशालाएँ स्थापित की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान की सफलता किसानों की सक्रिय भागीदारी और जन-जागरूकता पर निर्भर करती है। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि शारदीय (खरीफ) मौसम में बिहार भर में 7,275 किसान बैठकों का आयोजन किया गया जिनमें 6,19,436 किसानों ने भाग लिया। इनमें 2,12,610 महिला किसान भी शामिल रहीं। किसानों की यह व्यापक भागीदारी खेतों के संरक्षण और मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता का प्रमाण है।
सिन्हा ने कहा कि वासंतिक (रबी) मौसम 2026-27 में इस अभियान को राज्य के सभी 534 प्रखंडों तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रत्येक प्रखंड की कम से कम दो पंचायतों में विशेष किसान जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएँगे। हमारा प्रयास है कि इस अभियान के माध्यम से 15 से 16 लाख किसानों तक सीधे पहुँचकर उन्हें मिट्टी के स्वास्थ्य, खेतों की उर्वरता और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक किया जाए, ताकि खेतों का संरक्षण जनभागीदारी का व्यापक अभियान बन सके।