By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 21, 2025
साइबर सुरक्षा संस्थान साइबरन्यूज के शोधकर्ताओं का कहना है कि अरबों की संख्या में ‘लॉग-इन क्रेडेंशियल’ लीक होने के बाद ऑनलाइन डेटासेट में संकलित हो गए हैं, जिससे अपराधियों को हर दिन उपयोग किए जाने वाले उपयोगकर्ताओं के खातों तक “अभूतपूर्व पहुंच” मिल गई है।
साइबरन्यूज के अनुसार, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि लॉग-इन जानकारी लीक होने की सूचना किसी एक स्रोत से नहीं आई है। यानी ऐसा नहीं है कि किसी एक कंपनी को निशाना बनाकर जानकारी लीक गई हो।
साइबरन्यूज के अनुसार ऐसा लगता है कि अलग-अलग समय पर डेटा चुराया गया और फिर संकलित करके सार्वजनिक रूप से लीक किया गया। साइबरन्यूज ने कहा कि कई तरह के ‘इन्फोस्टीलर्स’ इसके लिए सबसे अधिक जिम्मेदार हैं। ‘इन्फोस्टीलर’ एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है जो पीड़ित के डिवाइस या सिस्टम में सेंध लगाकर संवेदनशील जानकारी चुरा लेता है।