चीन में जनसांख्यिकीय संकट! युवा नहीं करना चाहते शादी, बच्चे बैदा करने से भी बना रहे दुरी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 05, 2022

बीजिंग। चीन के प्रांतीय स्तर के 10क्षेत्रों में 2020 में जन्म दर एक प्रतिशत से नीचे गिर गई। यह स्थिति नई नीति के तहत दंपतियों को एक से अधिक बच्चे पैदा करने के लिए प्रेरित करने के प्रयासों के बावजूद दुनिया के सर्वाधिक आबादी वाले देश की जनसांख्यिकीय संकट संबंधी दुविधा के और गहराने का संकेत है। चीन ने पिछले साल अगस्त में तीन बच्चों की नीति को एक प्रमुख नीतिगत बदलाव के रूप में पारित किया था जो कि दशकों पुरानी एक बच्चे की नीति से उत्पन्न जनसांख्यिकीय संकट को दूर करने के लिए है। चीन ने 2016 में एक बच्चे की नीति को खत्म करते हुए सभी दंपतियों को दो बच्चे पैदा करने की अनुमति दी थी और एक दशक में एक बार हुई जनगणना के बाद तीन बच्चे पैदा करने की अनुमति देने के लिए इस नीति को संशोधित किया गया।

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इन प्रांतों में दक्षिण-पश्चिमी गुइझोउ प्रांत और गुआंग्शी ज़ुआंग स्वायत्त क्षेत्र भी शामिल हैं। हालांकि, चीन के पूर्वी जिआंगसू प्रांत जैसे कुछ विकसित क्षेत्रों में जन्म दर राष्ट्रीय स्तर से नीचे रही, जो प्रति 1,000 लोगों पर 6.66है। बीजिंग और तियानजिन में प्रति 1,000 लोगों पर जन्म दर क्रमशः 6.98 और 5.99 देखी गई। चीन के रेनमिन विश्वविद्यालय के जनसंख्या और विकास अध्ययन केंद्र के सोंग जियान ने कहा कि कोविड-19 जन्म दर को प्रभावित करने वाले कारकों में से एक है। सोंग ने कहा, चीन को बूढ़ी होती आबादी और लोगों की पसंद में बदलाव सहित विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कई कारकों के चलते निम्न जन्म दर जारी रहेगी। कुछ विशेषज्ञों ने दावा किया कि 1990 के बाद पैदा हुए बहुत से लोग आवास की कमी के कारण शादी नहीं करना चाहते हैं और न ही बच्चे पैदा करना चाहते हैं। उनका कहना है कि देश को युवा दंपतियों को और अधिक बच्चे पैदा करने के वास्ते प्रोत्साहित करने के लिए और अधिक उपायों की आवश्यकता है।

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