By Prabhasakshi News Desk | Aug 27, 2024
नागपुर महाराष्ट्र राज्य का एक प्रमुख लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र है। जहां से वर्तमान केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी लगातार तीन बार से सांसद हैं। उनके पहले कांग्रेस के विलास मुत्तेमवार भी लगातार चार बार चुनाव जीत चुके हैं। इसे महाराष्ट्र की उपराजधानी भी कहा जाता है। इस क्षेत्र में बहने वाली नाग नदी के नाम पर इसका नाम नागपुर रखा गया है। नागपुर विश्व का 114वां सबसे बड़ा शहर हैं। इस क्षेत्र को गोंड वंश के राजाओं ने बसाया था। यह जिला मुख्यालय होने के साथ ही विदर्भ का प्रमुख शहर भी। नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विश्व हिंदू परिषद जैसी राष्ट्रवादी संगठनों का प्रमुख केंद्र है। यह नगर संतरों के लिये मशहूर है। यहां अनेक मंदिर, ऐतिहासिक इमारतें और झील सैलानियों के लिए प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं।
1978 से अस्तित्व में आयी नागपुर दक्षिण विधानसभा सीट पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दलों की मजबूत पकड़ है। वर्तमान में इस सीट से बीजेपी के नेता मोहन माटे विधायक हैं। उनके पहले भी यह सीट बीजेपी के पास ही थी। कांग्रेस ने नागपुर दक्षिण में 2004 से लेकर 2014 तक लगातार जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के कब्जे में लगभग 26 साल तक रही नागपुर पूर्वी विधानसभा सीट पर वर्तमान में बीजेपी का जलवा कायम है। जहां पार्टी पिछले तीन बार से जीत दर्ज कर रही है। उसके नेता कृष्ण खोपड़े वर्तमान में इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
नागपुर लोक सभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला नागपुर सेंट्रल भी एक महत्वपूर्ण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र है। जहां से बीजेपी के कद्दावर नेता विकास कुंभारे लगातार तीन बार से विधानसभा तक पहुंच रहे हैं। 2009 में बीजेपी की जीत से पहले तक कांग्रेस ने यहां एकछत्र राज किया है। महाराष्ट्र विधानसभा में 56 नंबर से जाने जाना वाला नागपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र राज्य के वर्तमान उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का निर्वाचन क्षेत्र रहा है। जहां बीजेपी 1990 से लेकर 2014 तक लगातार जीतती रही है, लेकिन वर्तमान में यहां से कांग्रेस के विकास ठाकरे विधायक हैं। इस लोकसभा क्षेत्र की एकमात्र आरक्षित सीट नागपुर उत्तर है। जो अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित है। जहां से कांग्रेस के नितिन राउत 1999 से लेकर 2014 तक और उसके बाद 2019 से अबतक कुल चार बार विधायक रह चुके हैं। विधायक नितिन राउत को पूर्ववर्ती उद्धव ठाकरे की कैबिनेट में भी शामिल होने का मौका मिला था।