By रेनू तिवारी | May 25, 2026
हार के सीतामढ़ी जिले से एक बेहद संवेदनशील और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी की संदिग्ध मौत के एक महीने से अधिक समय बाद, अदालत के आदेश पर सोमवार को उसके शव को कब्र से बाहर निकाला गया। परिजनों ने गांव के ही कुछ रसूखदार लोगों पर किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या करने का संगीन आरोप लगाया है। पुलिस ने शव को फॉरेंसिक और वैज्ञानिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि मौत के असली कारणों और आरोपों की पुष्टि की जा सके।
बेलसंड के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) रविशंकर प्रसाद ने बताया कि पीड़िता के परिजनों की ओर से सात मई को प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने रविवार को शव को कब्र से निकलवाया। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना तीन अप्रैल को हुई थी, लेकिन इसकी जानकारी हमें एक माह से अधिक समय बाद मिली। चूंकि मामला पुराना था, इसलिए शव को कब्र से निकालने के लिए हमें अदालत के आदेश का इंतजार करना पड़ा।”
एसडीपीओ ने बताया कि मामले में कम से कम पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, लेकिन अब तक किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है। परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन जब पीड़िता की मां रात करीब साढ़े दस बजे खेत से घर लौटीं तो उन्होंने अपनी 14 वर्षीय बेटी को लकड़ी की खाट पर घुटनों के बल पाया। उसके गले में दुपट्टा लिपटा हुआ था और उसका दूसरा सिरा छत की बांस की बल्लियों से बंधा हुआ था।
परिजनों का आरोप है कि अगले दिन सुबह करीब साढ़े आठ बजे, पीड़िता के पिता के मुंबई से लौटने से पहले ही, जहां वह मजदूरी करते हैं, नामजद आरोपियों ने उसकी मां की सहमति के बिना शव को गांव के कब्रिस्तान में दफना दिया। मृतका के ममेरे भाई ने बताया कि नामजद आरोपियों में से एक पीड़िता से शादी करना चाहता था और पढ़ाई के लिए जाते समय वह अक्सर उसे परेशान करता था। एसडीपीओ ने कहा, “हम फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद विस्तृत जांच की जाएगी।