बॉम्बे हाई कोर्ट ने RBI से पूछा, PMC बैंक के जमाकर्ताओं की मदद के लिए क्या कदम उठाए?

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 04, 2019

मुंबई। बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से यह जानने की कोशिश कि उसने घोटाले की मार झेल रहे पंजाब एंड महाराष्ट्र को - ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए हैं। न्यायमूर्ति एस . सी . धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति आर . आई . छागला की खंडपीठ बैंक के जमाकर्ताओं की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इन याचिकाओं में आरबीआई की निकासी सीमा को चुनौती दी गई है। 

आरबीआई ने पीएमसी बैंक में कथित वित्तीय अनियमितता सामने आने के बाद नकद निकासी समेत अन्य प्रतिबंध लगाए थे। सबसे पहले आरबीआई ने निकासी की सीमा छह महीने के लिए केवल 1000 रुपए तय की थी , जिसे बाद में बढ़ाकर 10,000 रुपये और फिर बढ़ाकर 40,000 रुपये कर दिया गया था। पीठ ने सोमवार को कहा कि वह सिर्फ यह जानना चाहती है कि आरबीआई ने इस मामले में क्या किया है। अदालत ने कहा कि आरबीआई को इस बैंक के सभी कामों की जानकारी है। आरबीआई बैंकों का बैंक है और इस तरह के मुद्दों के लिए विशेषज्ञ निकाय है। हम आरबीआई के काम में बाधा नहीं डालना चाहते और न ही उसके अधिकारों को कम करना चाहते हैं।

इसे भी पढ़ें: RBI ने बैंकिंग प्रणाली के बेहतर नियमन के लिये विभागों का पुनर्गठन किया

न्यायालय ने कहा कि इस तरह के वित्तीय मामलों में आरबीआई ही न्यायाधीश होगा , न कि अदालत। अदालत ने आरबीआई को हफलनामा जमा करने का निर्देश दिया है और मामले में अगली सुनवाई के लिए 19 नवंबर की तारीख तय की है। न्यायालय ने इस मामले में किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार किया है। एक याचिकाकर्ता ने न्यायालय से ग्राहकों को अपने लॉकरों का उपयोग करने की अनुमति देने का आरबीआई को निर्देश देने मांग की थी।

इसे भी पढ़ें: PMC बैंक नगद निकासी पर पाबंदी हटाने वाली याचिका पर केंद्र, आप और RBI को नोटिस

अदालत ने किसी तरह का आदेश देने से मना करते हुए कहा कि वह लॉकर तक पहुंच की अनुमति नहीं दे सकता है। हम या फिर कोई भी आरबीआई को कार्रवाई करने से कैसे रोक सकते हैं ?" अगर आरबीआई कहता है कि ' बैंक से दूर रहें ', तो ऐसा करें। "अदालत ने कहा कि जमाकर्ता अगर चाहें तो बैंक पर मुकदमा कर सकते हैं। पीठ ने कहा कि वकीलों को जमाकर्ताओं को झूठी उम्मीद नहीं देनी चाहिए कि अदालत उनकी मदद करेगी। न्यायमूर्ति धर्माधिकारी ने कहा कि अदालतें जादूगर नहीं है। जमाकर्ताओं को झूठी उम्मीद न दें।

 

प्रमुख खबरें

15 साल के Vaibhav Suryavanshi की Team India में एंट्री, Selection पर टिकीं सबकी निगाहें।

Australia के स्टेडियम में Imran Khan के लिए समर्थन, T-shirt विवाद के बाद बोर्ड को बदलना पड़ा फैसला

Asia Cup में Chikitha-Rajat की जोड़ी का कमाल, मलेशिया को हराकर भारत को दिलाया शानदार Gold Medal।

Petrol-Diesel पर Excise Duty में राहत, तेल कंपनियों के शेयरों में 4% का उछाल, Investors खुश