By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 06, 2026
होली का त्योहार भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जाता है। यह एक ऐसा पर्व है जो न सिर्फ रंगों का त्योहार माना जाता है बल्कि इसकी धूम चारों दिशाओं में दिखाई देती है। होली का त्योहार लोगों के बीच मेलजोल बढ़ाता है और एक-दूसरे को पास लेकर आता है। बृज में तो इस पर्व की धूम रहती है,यानी के मथुरा-वृंदावन में होली अलग-अलग के रुपों में मनाई जाती है। हर्षोल्लास के साथ बृजवासी का पर्व मनाते हैं। यह पर्व रंगों का उत्सव नहीं बल्कि भक्ति, परंपरा औ राधा-कृष्ण के शाश्वत प्रेम का जीवंत महोत्सव भी होता है। ब्रज की धरा पर होली का उत्सव मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव में मंदिरों में भी देखने को मिलता है। यहां चारों ओर फूलों की वर्षा, संगीत और सदियों की पुरानी परंपरा देखने को मिलती है। मथुरा-वृंदावन की लट्ठमार होली, फूलों की होली, लड्डू होली और पूरा रंगोत्सव खास होता है। आइए आपको बताते हैं ब्रज की होली का पूरा कैलेंडर।
ब्रज में 40 दिन तक क्यों मनाई जाती है होली?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, ब्रज में होली का आरंभ बसंत पंचमी के दिन से होता है और इसके पीछे एक मान्यता है। कहा जाता है कि द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण ने सबसे पहले माघ माह की शुक्ल पक्ष की पांचवीं तिथि को ही राधा रानी के साथ होली खेली थी, उसी दिन बसंत पंचमी का पर्व भी मनाया जाता है। उस वक्त से आज भी ब्रज में होली का जश्न बसंत पंचमी के साथ आरंभ होता है। बसंत पंचमी से लेकर इस पर्व का समापन 40 दिनों के बाद रंग पंचमी के दिन से होता है। इन सभी दिनों के दौरान ब्रजवासी अलग-अलग रीति-रिवाजों से होली का जश्न मनाते हैं।
साल 2026 में ब्रज की होली कब से शुरू हो रही है?
ब्रज में होली की शुरुआत बसंत पंचमी के दिन से हो चुकी है-
तिथि होली का पारंपरिक नाम स्थान
25 फरवरी 2026 (बुधवार) लड्डू होली बरसाना
26 फरवरी 2026 (गुरुवार) बरसाना लठ्ठमार होली बरसाना
27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) लठ्ठमार होली नंदगांव
28 फरवरी 2026 (शनिवार) फूलों की होली वृंदावन
28 फरवरी 2026 (शनिवार) विधवाओं की होली वृंदावन
1 मार्च 2026 (रविवार) छड़ी-मार होली गोकुल
2 मार्च 2026 (सोमवार) रमण रेती होली गोकुल
3 मार्च 2026 (मंगलवार) होलिका दहन मथुरा और वृंदावन
4 मार्च 2026 (बुधवार) रंगवाली होली / धुलंडी मथुरा और वृंदावन
5 मार्च 2026 (गुरुवार) हुरंगा होली (दाऊजी का हुरंगा) दाऊजी मंदिर
6 मार्च 2026 (शुक्रवार) बलदेव हुरंगा बलदेव
लड्डू मार होली (24 और 25 फरवरी 2026)
ब्रज क्षेत्र में होली का उल्लास बसंत पंचमी से ही शुरु हो जाता है, लेकिन हिंदू पंचांग के अनुसार इसका औपचारिक शुभारंभ 24 फरवरी 2026 ,मंगलवार से माना जाएगा। इस दिन से ब्रज में लड्डू मार होली का आयोजन शुरु हो रहा है। इसी अवसर पर नंदगांव में फाग आमंत्रण महोत्सव मनाया जाता है, जहां नंदगांव के लोग बरसाना के निवासियों को होली खेलने का निमंत्रण देते हैं। नंदगांव के श्री राधा रानी मंदिर में इस दिन विशेष रूप से लड्डू होली खेली जाती है, जिसमें श्रद्धालु एक-दूसरे पर लड्डू बरसाते हैं। इसी के साथ पूरे ब्रज में होली की मस्ती छा जाती है। इसके अगले दिन, 25 फरवरी 2026, बुधवार को बरसाना के राधा रानी मंदिर में लड्डू होली का आयोजन होगा, जहां होली खेलने के साथ-साथ भक्तों को प्रसाद स्वरूप लड्डू भी वितरित किए जाएंगे।
लट्ठमार होली, बरसाना (27 फरवरी 2026)
इस बार बरसाना की प्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन 27 फरवरी 2026, शुक्रवार को किया जाएगा। लोक मान्यताओं के अनुसार इस दिन नंदगांव से हुरियारे बरसाना पहुंचते हैं, जहां बरसाना की गोपियां परंपरा और प्रेम के प्रतीक के रूप में उनके ऊपर लाठियां चलाती हैं। यह उत्सव हंसी-मजाक, ठिठोली और लोक संस्कृति की अनोखी झलक प्रस्तुत करता है। इस होली में गोपियां लाठियां चलाती हैं, जबकि हुरियारे ढाल लेकर अपना बचाव करते हैं। पूरे नगर में रंग, उल्लास और उमंग के साथ लोग इस विशेष होली को एक अनोखे अंदाज में मनाते हैं।
फूलों की होली, वृंदावन (28 फरवरी 2026)
इस बार ब्रज में फूलों की होली 28 फरवरी, शनिवार को मनाई जाएगी। इस समय गांवों में फाग उत्सव और रंगों की होली का आयोजन भी होगा। इस दिन वृंदावन में फूलों की होली मनाई जाती है। यह होली वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में मुख्य रूप से खेली जाती है, यह ब्रज की परंपराओं का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन गुलाल की जगह फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा होती है। भक्तजन इस अनुभूति का आनंद लेते हैं।
विधवा होली (28 फरवरी 2026)
वृंदावन में विधवा होली उन महिलाओं की होली मनाने की अनोखी परंपरा है और ये सामाजिक बदलावों का प्रतीक मानी जाती है। इस दिन वृंदावन में वो विधवा महिलाएं होली खेलती हैं जिन्हें लंबे समय से होली के रंगों से दूर रखा जाता रहा है। वृंदावन में समस्त विधवा महिलाओं द्वारा होली खेली जाती है।
छड़ मार होली (1 मार्च 2026)
ब्रज के गोकुल में 1 मार्च 2026 को छड़ी-मार होली का आयोजन होगा। इस परंपरा को भगवान कृष्ण के बाल रुप से जुड़ी मानी जाती है। यहां पुजारी प्रतीकात्मक रूप से छड़ी से होली की रस्म निभाते हैं और इस दौरान भक्तों पर गुलाल उड़ाया जाता है।
रमण रेती क्षेत्र होली (2 मार्च 2026)
यह होली 2 मार्च 2026 सोमवार, को मनाई जाएगी। इस जगह को कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ा हुआ माना जाता है। यहां पर होली का स्वरुप सबसे आध्यात्मिक माना जाता है।
होलिका दहन (3 मार्च 2026)
3 मार्च 2026, मंगलवार को मथुरा और वृंदावन सहित पूरे देश में होलिका दहन मनाया जाएगा। होलिका दहन को करने का मतलब है बुराई पर अच्छाई की जीत।
रंगों वाली होली, धुलेंडी (4 मार्च 2026)
वृंदावन और मथुरा सहित पूरे देश में रंगों का त्योहार 4 मार्च 2026 बुधवार को मनाया जाएगा। इस दिन रंग, गुलाल से होली खेलने की प्रथा है।
हुरंगा होली (5 मार्च 2026)
इस वर्ष 5 मार्च 2026, गुरुवार को बलदेव स्थित दाऊजी मंदिर में हुरंगा होली का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष पर्व में प्राचीन परंपरा के तहत महिलाएं पुरुषों के वस्त्र फाड़कर होली का उत्सव मनाती हैं, जो इस अनोखी होली की पहचान मानी जाती है।
बलदेव में हुरंगा (6 मार्च 2026)
बलदेव में हुरंगा का उत्सव इस साल 6 मार्च, शुक्रवार के दिन मनाया जाएगा। इसको हुरंगा होली के अगले दिन मनाया जाता है। इसी के साथ ब्रज में होली का समापन हो जाता है।