By नीरज कुमार दुबे | May 14, 2024
उत्तर प्रदेश का कैसरगंज लोकसभा क्षेत्र इस बार काफी चर्चा में है क्योंकि यहां से भाजपा ने अपने निवर्तमान सांसद बृज भूषण शरण सिंह का टिकट काट कर उनके बेटे करण भूषण सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया है। कुश्ती खिलाड़ियों के साथ विवाद के चलते कुछ नए मुकदमों का सामना कर रहे बृज भूषण सिंह का टिकट काटना भाजपा के लिए आसान नहीं रहा और उनकी संभावित बगावत के चलते हुए ही नामांकन की अंतिम तिथि से पहले उनके बेटे के नाम का ऐलान किया गया। खास बात यह रही कि समाजवादी पार्टी और बसपा ने भी इस सीट पर अपने उम्मीदवार का नाम घोषित करने में जानबूझकर देरी की। दरअसल यह दोनों पार्टियां इस ताक में थीं कि यदि टिकट नहीं मिलने पर बृजभूषण भाजपा से बगावत करते हैं तो उन्हें अपनी पार्टी से उम्मीदवार बना दिया जाये।
बृज भूषण के बेटे करण का जबसे नाम घोषित हुआ है तबसे तो युवाओं में जोश देखते ही बनता है। युवाओं का कहना है कि वह हमारे बीच से ही हैं और बेहद सादगी के साथ रहते हैं और सबका बहुत ख्याल रखते हैं। युवाओं ने कहा कि बेरोजगारी और महंगाई मुद्दा है लेकिन हमें यह भी देखना है कि यहां की समस्याओं का निराकरण कौन कर सकता है। युवाओं ने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि बृज भूषण के कदम पर चलते हुए करण भूषण सिंह भी क्षेत्र का विकास करेंगे।
जब हमने बृज भूषण शरण सिंह से बातचीत की तो उन्होंने कहा कि मेरा संसदीय क्षेत्र ग्रामीण इलाका है इसलिए यहां सबसे ज्यादा जरूरी चीज सड़कों का निर्माण है क्योंकि सड़क संपर्क होने से ही विकास होता है और खुशहाली आती है। उन्होंने कहा कि हमने अपने क्षेत्र में सड़कों का निर्माण करवाया और केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अपने क्षेत्र के लोगों को दिलवाया इसीलिए हर वर्ग के लोग हमारे साथ खड़े रहते हैं। उन्होने कहा कि जनता ने छह बार मुझे और एक बार मेरी पत्नी को संसदीय चुनाव में ऐसे ही जीत नहीं दिलवाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके बेटे भी भारी मतों के अंतर से चुनाव जीतेंगे।
हम आपको बता दें कि कैसरगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में 20 मई को पांचवें चरण में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। समाजवादी पार्टी ने कैसरगंज से भगत राम मिश्रा को अपना उम्मीदवार बनाया है जोकि श्रावस्ती के पूर्व भाजपा सांसद दद्दन मिश्रा के बड़े भाई हैं। भगत राम मिश्रा कांग्रेस में भी रह चुके हैं। उनकी पत्नी श्रावस्ती में जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। वहीं बहुजन समाज पार्टी ने नरेंद्र पांडे को अपना उम्मीदवार बनाया है। हम आपको बता दें कि सवर्ण बाहुल्य कैसरगंज में ब्राह्मण मतदाताओं का बाहुल्य है उसके बाद राजपूत मतदाता आते हैं। इस क्षेत्र में 18 फीसदी दलित और 25 फीसदी मुस्लिम भी हैं। सपा और बसपा ने ब्राह्मण मतदाताओं को लुभाने के लिए उनके बीच से उम्मीदवार दिया है लेकिन हमने यहां पाया कि कोई भी जातिगत समीकरण बृज भूषण सिंह के राजनीतिक समीकरण बिगाड़ नहीं पायेगा।
- नीरज कुमार दुबे