By अभिनय आकाश | Jan 21, 2026
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा जिसमें हिंद महासागर के एक आइलैंड को लेकर ब्रिटेन पर नाराजगी जताई है और इस आइलैंड का नाम है डिगो गार्सिया और यहां अमेरिका और ब्रिटेन का एक बहुत ही महत्वपूर्ण जॉइंट मिलिट्री बेस है। ट्रंप ने लिखा है कि ब्रिटेन इस द्वीप को मॉरीशस को वापस देने की योजना बना रहा है और यह बहुत बड़ी मूर्खता है। उन्होंने कहा है कि दिस इज एन एक्ट ऑफ ग्रेट स्टुपिडिटी। इसे ब्रिटेन की उन्होंने एक बहुत बड़ी मूर्खता बताया है। असल में मॉरीिशियस का यह जो डीएगो मग गार्सिया है यह मॉरिशस का ही हिस्सा है और इस पर वर्ष 1814 में ब्रिटेन ने कब्जा कर लिया था। फिर 1968 में मॉरिशस तो आजाद हो गया लेकिन इस आइलैंड पर ब्रिटेन का ही कब्जा बना रहा और अब यह आइलैंड ब्रिटेन मॉरीिशस को वापस करने वाला है और इस डील में प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रपति ट्रंप कभी आयरलैंड तो कभी ग्रीनलैंड के मुद्दे पर अपने सहयोगी देशों के खिलाफ आजकल सख्त बयान दे रहे हैं। अब ब्रिटेन के एक नेता एड डेवी ने राष्ट्रपति ट्रंप को जवाब दिया और उन्होंने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप जो हैं यह ठीक नहीं कर रहे हैं। एड डेवी कोई छोटे-मोटे व्यक्ति नहीं है। ब्रिटेन की तीसरी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी लिबरल डेमोक्रेट के एक नेता हैं। उन्होंने ट्रंप को अंतरराष्ट्रीय गुंडा, बुली और अमेरिका का अब तक का सबसे भ्रष्ट राष्ट्रपति करार दिया। डेवी ने कहा कि ट्रंप ग्रीनलैंड पर जबरदस्ती कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और विरोध करने वाले यूरोपीय सहयोगियों पर टैरिफ थोपकर गुंडागर्दी कर रहे हैं। एड डेवी ने संसद में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अंतरराष्ट्रीय गुंडे की तरह व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने एक सहयोगी देश की संप्रभुता पर पैर रखने की धमकी दी, NATO को पूरी तरह खत्म करने की बात की, और अब हमारे देश समेत सात यूरोपीय सहयोगियों पर तब तक आउटेजियस टैरिफ थोपने की धमकी दे रहे हैं, जब तक उन्हें ग्रीनलैंड नहीं मिल जाता।
हिंदी में कहावत है कि जिनके घर शीशे के होते हैं वह दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते लेकिन ट्रंप ग्रीनलैंड को लेकर कुछ ऐसा ही कर रहे हैं क्योंकि अब ट्रंप खुद अमेरिका की पुरानी नीतियों पर भी सवाल उठाने लगे है। उन्होंने कहा कि अगर ग्रीनलैंड में 500 वर्ष पहले किसी देश की नाव गई थी तो इसका मतलब यह नहीं है कि उस देश को ग्रीनलैंड का मालिकाना हक मिल जाएगा। अब ट्रंप अपनी पुरानी अपनी देश की पुरानी नीतियों को बदलकर एक नई नीति लाना चाहते हैं। आज से करीब 500 वर्ष पहले 15वीं शताब्दी में यूरोपीय देशों के बीच एक नियम को लेकर सहमति बनी थी। इसका नाम था डॉक्ट्रिन ऑफ क्रिश्चियन डिस्कवरी।