By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 05, 2026
मुंबई, पांच नवंबर स्थानीय शेयर बाजार में दिवाली से पहले जश्न जारी है। बाजार में बृहस्पतिवार लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी रही और बीएसई सेंसेक्स करीब 2,009 अंक की छलांग लगा गया जबकि एनएसई निफ्टी 24,500 अंक के पार पहुंच गया। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद पश्चिम एशिया संघर्ष के समाधान की उम्मीद, कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के साथ यह तेजी आई।
अमेरिका में मध्यावधि चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी संसद पर नियंत्रण मिल गया है। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की लगातार लिवाली और अमेरिकी बाजारों में जोरदार तेजी से भी निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 2,008.61 अंक यानी 2.60 प्रतिशत उछलकर 79,310.01 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान एक समय यह 2,168.63 अंक की बढ़त के साथ 79,470.03 अंक पर पहुंच गया था। एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी 576 अंक यानी 2.40 प्रतिशत चढ़कर तीन महीने के उच्चतम स्तर 24,536.60 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले सात अगस्त को निफ्टी 24,550 अंक के स्तर के पार गया था।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में बजाज फाइनेंस के शेयर में सबसे अधिक 7.77 प्रतिशत की तेजी आई। इसके अलावा इंटरग्लोब एविएशन में 5.80 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक में 5.29 प्रतिशत, मारुति 5.28 प्रतिशत, महिंद्रा एंड महिंद्रा 5.15 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व में 4.66 प्रतिशत की बढ़त रही। दूसरी ओर नुकसान में रहने वाले शेयरों में एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदाणी पोर्ट्स और आईटीसी शामिल हैं।
पिछले लगातार छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 6,063.98 अंक यानी 8.27 प्रतिशत चढ़ा है, जबकि निफ्टी में 1,837.75 अंक यानी आठ प्रतिशत की तेजी आई है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.59 प्रतिशत बढ़कर 96.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों से भारतीय शेयर बाजार को नई गति मिली है।
बाजार में तेजी इस उम्मीद से और बढ़ी है कि अमेरिका का रुख नरम पड़ने से ईरान संघर्ष और शुल्क नीतियों में तनाव कम हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। इसके अलावा, अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल और डॉलर में नरमी से भारत में महंगाई की संभावनाओं और बाह्य खातों पर दबाव कम हुआ है।’’ उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मध्यावधि चुनाव में बड़ा झटका लगा है।
देश के मतदाताओं ने मंगलवार को हुए बहुचर्चित मध्यावधि चुनावों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को संसद के उच्च सदन सीनेट का नियंत्रण सौंप दिया और डेमोक्रेट ने कई अहम राज्यों में गवर्नर पदों पर भी जीत दर्ज की। इन नतीजों का असर न केवल अमेरिका, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखने को मिल सकता है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 7,284.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
नायर के अनुसार, विदेशी निवेशकों की लगातार लिवाली और दूसरी तिमाही के कंपनियों के बेहतर नतीजों से बाजार में सकारात्मक माहौल को और मजबूती मिली। निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने इस तेजी को अधिक भरोसेमंद बनाया। मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.79 प्रतिशत उछला, जबकि छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.22 प्रतिशत की तेजी रही।
बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में से कुल 2,994 शेयरों में तेजी रही जबकि 1,453 शेयरों में गिरावट आई। वहीं 200 शेयर के भाव अपरिवर्तित रहे। शोध विश्लेषण कंपनी एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार में लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी रही।
अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों से ईरान के साथ बातचीत के जरिये तनाव कम होने की उम्मीदें बढ़ीं, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से कमी आई। इसका बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की भारी गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि चीन में शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे।
यूरोप के बाजारों में दोपहर के कारोबार में सकारात्मक रुख था। अमेरिकी बाजार बुधवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 3.03 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 1.58 प्रतिशत और नैस्डैक कम्पोजिट में 1.44 प्रतिशत की तेजी आई।
सेंसेक्स बुधवार को 383.55 अंक यानी 0.50 प्रतिशत बढ़कर दो महीने से अधिक के उच्चतम स्तर 77,301.40 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी भी 149.75 अंक यानी 0.63 प्रतिशत चढ़कर 23,960.60 अंक पर रहा था।