By रेनू तिवारी | Sep 16, 2026
बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की संदिग्ध मौत की जांच में एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की कमान देश की सबसे बेहतरीन और अनुभवी महिला अधिकारियों में से एक, एसपी सीमा पाहुजा (Seema Pahuja) को सौंपी है। दिशा सालियन की मौत के छह साल बाद, बॉम्बे हाई कोर्ट के कड़े निर्देशों के अनुपालन में CBI ने हाल ही में औपचारिक रूप से प्राथमिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। हालांकि, कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार दर्ज FIR में फिलहाल किसी भी व्यक्ति को नामजद आरोपी नहीं बनाया गया है।
पाहुजा हाथरस घटना, उन्नाव रेप केस और कोलकाता के RG कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में रेप-मर्डर केस जैसी जांचों से जुड़ी रही हैं। उन्होंने शिमला में 'गुड़िया' रेप-मर्डर केस की जांच में भी अहम भूमिका निभाई थी। शिमला केस की जांच के दौरान आधुनिक फोरेंसिक तकनीकों का इस्तेमाल करने के लिए उनकी टीम की तारीफ भी हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाहुजा को 2021 में 'बेस्ट इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर' के तौर पर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया था।
दिशा सालियन केस की जांच
CBI की एक टीम अब दिशा सालियन की मौत से जुड़े मौजूदा रिकॉर्ड और उपलब्ध सबूतों की फिर से जांच करेगी। जांच के शुरुआती चरण में, उन लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे जो 8 जून 2020 की रात—उनकी मौत से पहले—उनके मंगेतर रोहन राय के घर पर हुई पार्टी में शामिल हुए थे।
इसके अलावा, जांच में उस समय पुलिस द्वारा की गई पूछताछ, घटना स्थल के रिकॉर्ड, फोरेंसिक सामग्री और अन्य उपलब्ध दस्तावेजों को भी शामिल किया जाएगा।
दिशा 8 जून 2020 को मृत पाई गई थीं। खबरों के मुताबिक, वे मुंबई में एक इमारत से गिर गई थीं। उनकी मौत सुशांत सिंह राजपूत के बांद्रा स्थित घर पर मृत पाए जाने से कुछ ही दिन पहले हुई थी। इन दोनों मौतों के बीच कम समय का अंतर होने के कारण, लोगों के मन में इन मामलों के बीच किसी संभावित संबंध को लेकर काफी अटकलें लगाई गईं। हालांकि, अब CBI की जांच के तहत दिशा की मौत से जुड़े हालात की नए सिरे से जांच की जा रही है।इसे भी पढ़ें: गद्दारी करने वाले बांग्लादेश के लिए भारत ने दबाया बिजली का बटन, ढाका में हाहाकार
CBI के सामने चुनौती
दिशा सालियान की मौत को छह साल से ज़्यादा का समय बीत चुका है। ऐसे में, जांच एजेंसी के सामने पुराने सबूतों, रिकॉर्ड और गवाहों से जुड़ी जानकारी की फिर से समीक्षा करने की चुनौती है। CBI ने ज़रूरी दस्तावेज़ और रिकॉर्ड इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हालांकि CBI की FIR में कई लोगों के नाम और अलग-अलग आरोप शामिल हैं, लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार FIR में किसी को भी सीधे तौर पर आरोपी नहीं बनाया गया है। जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों के आधार पर ही किसी व्यक्ति की भूमिका तय की जाएगी।इसे भी पढ़ें: Delhi Airport पर SpiceJet की Dubai Flights 24 घंटे लेट, नाराज यात्रियों ने किया जोरदार प्रदर्शन
अब सबकी नज़रें उन तथ्यों और सबूतों पर टिकी हैं जिन्हें सीमा पाहुजा के नेतृत्व में CBI इस छह साल पुराने मामले में सामने लाएगी।
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