सस्ते मद्दे संकल्प (व्यंग्य)

By पीयूष पांडे | Dec 31, 2019

नववर्ष संकल्प अर्थात न्यू ईयर रिजोल्यूशन एक ऐसा चोंचला है, जिसे लेकर दुनियाभर के लोग इन दिनों परेशान हैं। नववर्ष संकल्प अमूमन व्यक्ति का स्वयं ही स्वयं के बारे में पेश किया घोषणापत्र होता है, जो राजनीतिक दलों के मेनिफेस्टों की तरह अधिकांश मामलों में गलत साबित होता है।जिस तरह चुनाव जीतने के बाद राजनेता एक ही साल में चुनाव में किया खर्च बराबर कर लेना चाहता है, वैसे ही बुरी आदतें छोड़ने या अच्छी आदते चाहने के सपने देखने वाला व्यक्ति एक ही साल में संकल्प लेकर खुद का कायाकल्प कर देना चाहता है। लेकिन संकल्प चुनना आसान काम नहीं है। जैसे तैसे चुन लिया तो निभाना उतना ही मुश्किल होता है, जितना चुनाव के वक्त राजनेताओं के लिए अपने हलफनामे में सही जानकारी देना।

इसे भी पढ़ें: नववर्ष में मेरी महानता के महान प्रयोग (व्यंग्य)

फिलहाल मौसम संकल्प लेने का है। संभव है कि आप प्रण में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर चिंतित हों। आप भयभीत हों कि आपका लिया संकल्प कहीं फिर झूठा ना साबित हो। हर साल की तरह इस बार भी आप संकल्प पर चंद दिन नहीं टिक पाए तो? तो जनाब, चिंता करने की जरुरत नहीं है। आखिर आप झूठ बोलेंगे भी तो खुद से ही ना। लोग घर-द्वार, मंदिर-मस्जिद, संसद-सड़क, रैली-गोष्ठी कहीं भी खुलकर झूठ बोल रहे हैं और आप खुद से भी झूठ नहीं बोल सकते। हद है! अभिव्यक्ति की आज़ादी का फिर क्या मतलब है?  

यदि आपने अभी तक संकल्प नहीं लिया है तो अवश्य ले लें। संकल्प पुराने साल के आखिरी दिनों से लेकर नए साल के शुरुआती दो चार दिन तक लिया जा सकता है। मेरे एक मित्र इसलिए संकल्प नहीं लेना चाहते क्योंकि संकल्प टूटना अपना अपमान लगता है। उन्हें ये भी डर है कि संकल्प नहीं निभा तो पत्नी बहुत गरियाएगी। मैंने कहा, "रिजोल्यूशन लेने के मामले में व्यक्ति को सरकारों की तरह शर्म निरपेक्ष होना चाहिए। फिर, क्या पता कभी संकल्प को खुद इतनी शर्म आ जाए कि वो पूरा होने की ठान ले।" उन्होंने हाँ में सिर हिलाया और मासूमियत से बोले-" किसी वेबसाइट या मार्केट में संकल्प की सेल नहीं लगती क्या। आजकल हर चीज़ सेल से खरीदने की आदत हो गई है। जब तक डिस्काउंट नहीं मिलता,खरीदने का मन नहीं करता।" मैंने कहा-'लेकिन संकल्प कोई खरीदने की चीज़ थोड़ी है। संकल्प है,जो लेना होगा।' उन्होंने दो टूक कहा-"देखो भइया, लेने वाली कोई चीज़ अपन फ्री में नहीं लेते। खुद्दारी भी कोई चीज़ होती है। लेकिन, डिस्काउंट अपना हक है। संकल्प भी अगर लेना है तो अपन बिना डिस्काउंट के नहीं लेंगे।" मैंने कहा-"तो ऐसा कीजिए,जिस रिजोल्यूशन को आप जिंदगी भर निभाना चाहते हैं, उसे सिर्फ एक दिन के लिए ही लें। हजारों गुना डिस्काउंट।" वे हँसे और बोले-"ये ठीक है। न्यू ईयर है। कोई सस्ता मद्दा संकल्प ले ही लेता हूं।"

आप भी कोई सस्ता मद्दा रिजोल्यूशन ले ही डालें। आखिर, न्यू ईयर है। हैप्पी न्यू ईयर। 

- पीयूष पांडे

प्रमुख खबरें

Asian Games: Ankush Panghal ने मुक्केबाजी में पक्का किया भारत का पहला पदक

Tata Motors की घरेलू यात्री वाहन बाजार में 15 प्रतिशत हिस्सेदारी जल्द हासिल करने की तैयारी

27 सितंबर को हुआ था Raja Ram Mohan Roy का निधन, जानें आज का इतिहास

Low Energy और थकान से राहत देंगे ये 3 Desi Drinks, घर पर बनाना है आसान