By अभिनय आकाश | Jun 12, 2026
'इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत' (ICT) ने चीनी अधिकारियों की कड़ी आलोचना की है। हाल ही में जारी तस्वीरों में तिब्बत के किंडरगार्टन के बच्चों को मिलिट्री-स्टाइल की गतिविधियों में हिस्सा लेते हुए देखा गया। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के 'यूनाइटेड फ्रंट वर्क डिपार्टमेंट' द्वारा जारी इन तस्वीरों में तिब्बत के छोटे बच्चों को कैमोफ्लाज यूनिफॉर्म पहने, चीनी झंडे के नीचे मार्च करते और नकली राइफलें लेकर नकली लड़ाई की ड्रिल (mock combat drills) में हिस्सा लेते हुए दिखाया गया है। ये तस्वीरें दक्षिणी तिब्बत के सोना (Tsona) शहर में ली गई थीं, जो भारत के करीब है। इन्हें 26 मई, 2026 को जारी एक रिपोर्ट में दिखाया गया था। चीनी सरकारी मीडिया के अनुसार, ये गतिविधियां "राष्ट्रीय रक्षा और जातीय एकता" से जुड़े शैक्षिक कार्यक्रमों के तौर पर आयोजित की गई थीं। इनका मकसद छोटे बच्चों में देशभक्ति और सीमा सुरक्षा के प्रति जागरूकता पैदा करना था।
हालांकि, ICT का कहना है कि यह मामला सिर्फ़ मिलिट्रीकरण तक ही सीमित नहीं है। संगठन ने कहा कि तिब्बती बच्चों को लगातार ऐसे वैचारिक अभियानों का हिस्सा बनाया जा रहा है जो सरकारी नैरेटिव को बढ़ावा देते हैं और साथ ही तिब्बती सांस्कृतिक पहचान और विरासत को कमज़ोर करते हैं। संगठन ने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियाँ खास तौर पर सोना (Tsona) जैसे संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में चिंता का विषय हैं, जहाँ पूरे क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव बना हुआ है।
इन घटनाओं को तिब्बत में बीजिंग की नीतियों का एक स्पष्ट उदाहरण बताते हुए, ICT ने दुनिया भर की सरकारों, व्यवसायों और नागरिक समाज समूहों से अपील की कि वे चीनी अधिकारियों के सामने यह मुद्दा उठाएँ और तिब्बती बच्चों व संस्कृति की बेहतर सुरक्षा के लिए दबाव बनाएँ।