By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
अगर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा सितंबर में होती है, तो यह एक ऐतिहासिक घटना होगी। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह ग़लवान झड़प और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुए गतिरोध के बाद उनकी पहली भारत यात्रा होगी।
ऐतिहासिक महत्व इस संभावित यात्रा को कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह न केवल दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों को फिर से स्थापित करने की दिशा में एक कदम हो सकता है, बल्कि यह वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चल रहे गतिरोध को हल करने के प्रयासों को भी गति दे सकता है। शी जिनपिंग की यह यात्रा भारत के लिए एक बड़ा कूटनीतिक अवसर हो सकती है।
भारत-चीन संबंध पिछले कुछ वर्षों में, भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर तनाव बना हुआ है। ग़लवान झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। ऐसे में, शी जिनपिंग की यह संभावित यात्रा संबंधों को सुधारने की दिशा में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है।