By अभिनय आकाश | Jul 30, 2022
जासूसी के मामले में माओ का मुल्क पीछे नहीं है। दुनिया में सबसे ज्यादा जासूस चीन के फैले हुए हैं। करीब हर मुल्क में चीन के जासूस हैं। मोबाइल से, सैटेलाइट से, जमीन से, आसमान से चीन हर तरह से जासूसी करता है। इसी तर्ज पर बीजिंग की एक और गुस्ताखी सामने आई है। चीन अपने जासूसी जहाज को श्रीलंका भेज रहा है। 11 अगस्त को चाइनीज शिप श्रीलंका के हंबनटोटा बंदरगाह पर पहुंचेगा। चीन का दावा है कि इसका मकसद हिंद महासागर में रिसर्च और डेटा एकट्ठा करना है। लेकिन ड्रैगन की कथनी और करनी में फर्क के बारे में सभी को पता है। एलएसी के हर मोर्चे पर मात खाने के बाद बीजिंग ने साजिशों का नया-ताना बाना बुनना शुरू कर दिया है।
भारत को चिंता है कि चीन द्वारा निर्मित और पट्टे पर दिए गए हंबनटोटा बंदरगाह का इस्तेमाल चीन भारत के पिछवाड़े में सैन्य अड्डे के रूप में करेगा। 1.5 अरब डॉलर का बंदरगाह एशिया से यूरोप के मुख्य शिपिंग मार्ग के पास है। Refinitiv Eikon के शिपिंग डेटा से पता चला है कि चीनी अनुसंधान और सर्वेक्षण पोत युआन वांग 5 हंबनटोटा के रास्ते में था और 11 अगस्त को हंबनटोटा आना वाला है। ऐसे समय में जब श्रीलंका सात दशकों में अपने सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। भारत ने अकेले इस वर्ष श्रीलंका को लगभग 4 बिलियन डॉलर की सहायता प्रदान की है।