By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 07, 2026
नयी दिल्ली, सात अक्टूबर केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-कानपुर से यह बताने के लिए कहा है कि क्या एक पीएचडी शोधार्थी की आत्महत्या के मामले की जांच इस चरण तक पहुंच गई है कि उसके पिता को संस्थान की आंतरिक जांच रिपोर्ट दी जा सके। संस्थान ने पहले जांच जारी होने का हवाला देते हुए रिपोर्ट देने से इनकार कर दिया था। पीएचडी शोधार्थी अंकित यादव (24) ने 10 फरवरी 2025 को आत्महत्या कर ली थी।
आईआईटी कानपुर के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने सूचना का अधिकार कानून की धारा 8(1)(एच) के तहत जानकारी देने से इनकार कर दिया था। इस धारा के तहत ऐसी जानकारी न देने की छूट है, जिसके खुलासे से जांच या अपराधियों की गिरफ्तारी अथवा उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की प्रक्रिया में बाधा आ सकती है। केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी ने आयोग को बताया कि मौत के संबंध में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
संस्थान ने 16 फरवरी 2025 को एक जांच समिति बनाई थी। समिति ने 18 मार्च 2025 को तथ्यों की जांच के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद संस्थान के सुरक्षा अधिकारी ने जांच अधिकारी के लिखित अनुरोध पर 16 जुलाई 2025 को यह रिपोर्ट पुलिस को दे दी थी।