प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण ने कहा, भारत जैसे विविधतापूर्ण देश के लिए सबसे उपयुक्त लोकतंत्र

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 01, 2022

नयी दिल्ली। भारत जैसे विविधतापूर्ण देश के लिए लोकतंत्र को सबसे उपयुक्त बताते हुए प्रधान न्यायाधीश एनवी रमण ने शुक्रवार को कहा कि तानाशाही शासन के जरिए देश की समृद्ध विविधता को कायम नहीं रखा जा सकता। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के स्थापना दिवस पर 19वां डीपी कोहली स्मृति व्याख्यान देते हुएन्यायमूर्ति रमण ने कहा, ‘‘लोकतंत्र के साथ हमारे अब तक के अनुभव को देखते हुए, यह संदेह से परे साबित होता है कि लोकतंत्र हमारे जैसे बहुलवादी समाज के लिए सबसे उपयुक्त है।’’ 

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उन्होंने कहा, तानाशाही शासन के माध्यम से हमारी समृद्ध विविधता को कायम नहीं रखा जा सकता। लोकतंत्र के माध्यम से ही हमारी समृद्ध संस्कृति, विरासत, विविधता और बहुलवाद को कायम रखा और मजबूत किया जा सकता है। लोकतंत्र: जांच एजेंसियों की भूमिका और जिम्मेदारी पर अपने व्याख्यान मेंन्यायमूर्ति रमण ने कहा, लोकतंत्र को मजबूत करने में हमारा निहित स्वार्थ है, क्योंकि हम अनिवार्य रूप से जीने के लोकतांत्रिक तरीके में विश्वास करते हैं। हम भारतीय अपनी स्वतंत्रता से प्यार करते हैं। जब भी हमारी स्वतंत्रता को छीनने के लिए कोई प्रयास किया गया है, हमारे सतर्क नागरिकों ने निरंकुश लोगों से सत्ता वापस लेने में संकोच नहीं किया। उन्होंने कहा कि इसलिए यह आवश्यक है कि पुलिस और जांच निकायों सहित सभी संस्थान लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखें और उन्हें मजबूत करें। 

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