Ankita Bhandari केस पर CM Dhami का बड़ा बयान, बोले- कुछ लोगों ने जनता को गुमराह करने की कोशिश की

By अंकित सिंह | Jan 10, 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अंकिता भंडारी हत्याकांड पर अपना रुख दोहराते हुए कहा कि कुछ लोगों ने जनता को गुमराह करने के लिए इस मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश की है। थौलधार सांस्कृतिक विकास समिति द्वारा आयोजित टिहरी गढ़वाल के पहले खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने उन लोगों पर निशाना साधा, जो उनके अनुसार अंकिता भंडारी हत्याकांड का राजनीतिकरण कर रहे थे।

 

इसे भी पढ़ें: 'बेटी को न्याय दिलाना प्राथमिकता', Ankita Bhandari केस में CM Dhami का बड़ा ऐलान, CBI करेगी जांच


धामी ने कहा कि कुछ लोगों ने अंकिता भंडारी मामले का राजनीतिकरण करने में जरा भी संकोच नहीं किया। ऐसे भावनात्मक मुद्दों को उठाकर उन्होंने जनता को गुमराह करने की कोशिश की है। उन्होंने इस पूरे कठिन समय में 19 वर्षीय पीड़िता के परिवार को अपनी सरकार के निरंतर समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। घटना की जानकारी मिलते ही हमने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया।


मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि एसआईटी की दो-तीन साल की गहन जांच के बाद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें कोटद्वार अदालत के 2025 के फैसले का हवाला देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। उन्होंने बताया कि अंकिता भंडारी के माता-पिता ने उनसे इस मामले की सीबीआई (अपराध जांच ब्यूरो) जांच कराने की इच्छा व्यक्त की थी। उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए उन्होंने कहा कि हमने सीबीआई जांच की अनुमति भी दे दी है।

 

इसे भी पढ़ें: बर्फ से ढकी Yamunotri Valley, हनुमान चट्टी से शुरू करें अपना Winter Adventure Trek


यह घटना एक वीआईपी की कथित संलिप्तता को लेकर उठे विवाद के बाद सामने आई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को सवाल उठाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मामलों में जिम्मेदार लोगों को अभी भी संरक्षण क्यों दिया जा रहा है। X पर एक पोस्ट में कांग्रेस नेता ने लिखा, "पूरे देश में 'भ्रष्ट' जनता पार्टी की दो इंजन वाली सरकारों ने लोगों का जीवन बर्बाद कर दिया है। भाजपा की राजनीति में भ्रष्टाचार, सत्ता का दुरुपयोग और अहंकार का जहर ऊपर से नीचे तक फैल गया है। उनकी व्यवस्था में गरीब, असहाय, मजदूर और मध्यम वर्ग के लोग महज आंकड़े बनकर रह गए हैं और 'विकास' के नाम पर जबरन वसूली का रैकेट चल रहा है। उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया है, लेकिन सवाल आज भी वही है: सत्ता में बैठे लोग भाजपा के किस वीआईपी को संरक्षण दे रहे हैं? कानून सबके लिए कब बराबर होगा?"

All the updates here:

प्रमुख खबरें

Khamenei पर भारत की चुप्पी के गहरे मायने, PM Modi ने साधे US-Israel समेत कई समीकरण

AI से बने फर्जी Case Law पर Supreme Court सख्त, Trial Court को लगाई कड़ी फटकार

Iran Crisis का असर: Crude Oil में उबाल, आपकी जेब पर पड़ेगी महंगाई की बड़ी मार

Middle East Crisis: निवेशकों के लिए Safe Haven बना सोना, Share Market में बड़ी गिरावट