Prabhasakshi NewsRoom: PoK के विकास की बात सुनकर विधानसभा में भड़के CM Omar Abdullah, अपने ही विधायकों को दिखा दिया आईना

By नीरज कुमार दुबे | Mar 05, 2025

पाकिस्तान अक्सर आरोप लगाता है कि भारत कश्मीर के साथ अन्याय करता है और वहां विकास नहीं करता। पाकिस्तान यह भी दावा करता है कि वह पीओके में खूब विकास कर रहा है। जबकि हकीकत यह है कि पीओके में अक्सर होने वाले विरोध प्रदर्शनों के दौरान जनता इस्लामाबाद पर उस क्षेत्र के संसाधनों का दोहन करने का आरोप लगाती है और कहती है कि बदले में उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी प्रदान नहीं की जा रही हैं। हम आपको बता दें कि पीओके में हाल ही में हुए आंदोलन के दौरान भारत के साथ मिलने के समर्थन में नारेबाजी भी देखी गयी थी। दरअसल जम्मू-कश्मीर के विकास को देखकर, वहां के लोगों के जीवन में आते बदलाव को देखकर और स्मार्ट सिटी अभियान के तहत जम्मू-कश्मीर के शहरों के बदलते रंग रूप को देखकर और सीमावर्ती क्षेत्रों में सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाओं को पहुँचते देखकर पीओके के लोग भी चाहते हैं कि उन्हें भी ऐसा जीवन और ऐसा जीवंत माहौल मिले।

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हम आपको बता दें कि मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी विपक्षी भाजपा और सत्तारुढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्यों को शांत करने के लिए की, जिनके बीच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में विकास को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। अब्दुल्ला ने कहा, “सीमा पार के क्षेत्रों में जो भी प्रगति हुई है, वह चीन के आशीर्वाद के कारण है।” प्रश्नकाल के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक और पूर्व मंत्री सैफुल्लाह मीर ने कहा कि इस तरफ की तुलना में पीओके में बुनियादी ढांचा बेहतर है। उन्होंने कुपवाड़ा जिले के केरन और जुमागुंड के सीमावर्ती क्षेत्रों को सभी मौसम में संपर्क प्रदान करने के लिए एक सुरंग के निर्माण की भी वकालत की। इस पर भाजपा के आरएस पठानिया ने दोनों तरफ के कश्मीर की तुलना करने पर आपत्ति जताई। इस दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक नजीर गुरेजी और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के विधायक सज्जाद गनी लोन ने सैफुल्लाह मीर का बचाव किया। उन्होंने स्थानीय लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर किया, खासकर सर्दियों के दौरान जब बर्फ के कारण कई महीनों तक सड़कें बंद रहती हैं। 

हालांकि अध्यक्ष अब्दुल रहीम राठेर ने यह सुनिश्चित किया कि सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलती रहे, जबकि पठानिया ने मीर की टिप्पणी की निंदा की। पठानिया ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा, “उन्होंने (मीर) ऐसे देश की प्रशंसा की, जिसके साथ हमारा कोई राजनयिक संबंध नहीं है। हमारे देश ने चैंपियंस ट्रॉफी में खेलने के लिए अपनी क्रिकेट टीम वहां नहीं भेजी और यह वह देश है जो भारत में अलगाववाद और आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है। मीर की टिप्पणी चिंताजनक और निंदनीय है तथा मुख्यमंत्री को इस पर अपनी पार्टी का रुख स्पष्ट करना चाहिए।" उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान जब भाजपा सदस्य शाम लाल शर्मा बोल रहे थे, तो मीर अपनी सीट से उठे और पठानिया द्वारा उन्हें "देशद्रोही" कहे जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, "मेरा इरादा (कश्मीर के) दोनों हिस्सों के बीच तुलना करने का नहीं था। नेशनल कॉन्फ्रेंस एक ऐसी पार्टी है जिसने देश के लिए सबसे ज्यादा बलिदान दिए हैं। हमारे कार्यकर्ताओं, विधायकों और मंत्रियों को आतंकवादियों ने मार डाला।" 

इसके बाद अब्दुल्ला ने कहा, “सीमा पर जो कुछ भी किया गया है, वह दिखावा है और वह भी उन्होंने (पाकिस्तान ने) अपने दम पर नहीं किया है। सीमा पार के इलाकों में जो भी प्रगति हुई है, वह चीन के आशीर्वाद से हुई है, जबकि बाकी इलाकों में कोई प्रगति नहीं हुई है।" उन्होंने कहा कि यह विकास चर्चा का विषय हो सकता है लेकिन नियंत्रण रेखा के पास रहने वाले मीर ने जो देखा उसे साझा करके कोई गलती नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा, "वहां (पीओके में) स्थिति बहुत खराब है...हमने कभी किसी अन्य देश से मदद नहीं मांगी, हमने चीन, अमेरिका, इंग्लैंड या फ्रांस से हमारी सड़कें बनाने के लिए नहीं कहा। सीमा पार सड़कें चीन द्वारा बनाई गई हैं।" उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के हर हिस्से में विकास हुआ है।

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