By अंकित सिंह | May 30, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि अहिंसा मानव जीवन का मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए, लेकिन राष्ट्र और समाज के लिए खतरा पैदा करने वाले व्यक्तियों से निपटने के लिए बल का प्रयोग आवश्यक हो जाता है। लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका के उद्घाटन के अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि विकास केवल सुरक्षित वातावरण में ही फल-फूल सकता है और उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जब हम सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होंगे, तभी विश्व हमारा मित्र बनेगा। कमजोर के सामने कोई नहीं झुकता। उन्होंने आगे कहा कि यह सिद्धांत देश के शत्रुओं से निपटने के दौरान देश के सशस्त्र बलों की कार्रवाई में परिलक्षित होता है। मुख्यमंत्री ने सुरक्षा को विकास से जोड़ते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले एक दशक में महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे हैं। उन्होंने कहा कि विकास योजनाएं केवल सुरक्षित वातावरण में ही प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सकती हैं। 2017 से पहले, इसी उत्तर प्रदेश में अक्सर कर्फ्यू लगता था। पेशेवर माफियाओं और अपराधियों ने आम नागरिकों का जीवन मुश्किल बना दिया था।
आदित्य ने कहा कि जिस प्रकार सशस्त्र बल हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, उसी प्रकार नागरिकों का भी यह कर्तव्य है कि वे राष्ट्र की रक्षा करने वाले सैनिकों का सम्मान करें। मुख्यमंत्री लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक भी उपस्थित थे।