दक्षिण चीन सागर पर आचार संहिता UN संधि के अनुरूप होनी चाहिए: जयशंकर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 05, 2021

नयी दिल्ली। भारत ने बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि दक्षिण चीन सागर पर आचार संहिता पूरी तरह से प्रासंगिक संयुक्त राष्ट्र संधि के अनुरूप होनी चाहिए और इस पर बातचीत से उन देशों के वैध अधिकारों और हितों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए जो चर्चा में शामिल नहीं हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन (ईएएस)की एक बैठक को डिजिटल तरीके से संबोधित करते हुए समूह के विभिन्न सदस्यों के बीच हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर दृष्टिकोण के बढ़ते अभिसरण पर भी प्रकाश डाला।

इसे भी पढ़ें: हॉकी टीम की जीत पर बोले राहुल गांधी, ओलंपिक में कांस्य पदक जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि

चीन पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है, जो हाइड्रोकार्बन का एक बड़ा स्रोत है। हालांकि, वियतनाम, फिलीपीन और ब्रुनेई सहित कई आसियान सदस्य देश भी इस पर दावा करते हैं। ईएएस बैठक में अपने संबोधन में, जयशंकर ने म्यांमार पर आसियान पांच सूत्री आम सहमति का भी समर्थन किया और एक विशेष दूत की नियुक्ति का स्वागत किया। विदेश मंत्री ने बुधवार को ब्रिटेन के अपने समकक्ष डोमिनिक राब से भी बात की और द्विपक्षीय संबंधों का जायजा लिया। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब के साथ हमारे संबंधों का व्यापक जायजा लिया। रोडमैप 2030 के विभिन्न स्तंभों की समीक्षा की।

प्रगति पर गौर किया तथा इसे और आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ रोडमैप 2030 को मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के बीच एक डिजिटल शिखर सम्मेलन में अपनाया गया था। रोडमैप का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाना और अगले दशक में व्यापार और अर्थव्यवस्था, रक्षा एवं सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग करना है।

प्रमुख खबरें

क्यों लगा Telegram पर अस्थायी Ban? NEET एग्जाम में Paper Leak रोकने के लिए सरकार का मास्टरस्ट्रोक!

कुरकुरी और नॉन-स्टिकी भिंडी बनाने के लिए आजमाए ये स्मार्ट किचन टिप्स

Bhanu Saptami 2026: 21 June को सर्वार्थ सिद्धि योग का महासंयोग, जानें Puja Rules और शुभ मुहूर्त

मोदी सरकारी फैसला: डीजल और एटीएफ के निर्यात पर बढ़ा विंडफॉल टैक्स, पेट्रोल पर मौजूदा दरें बरकरार