भाजपा में शामिल होने के बाद बोले ज्योतिरादित्य, कांग्रेस में लोगों की सेवा नहीं कर पा रहा था

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 11, 2020

नयी दिल्ली। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों जारी राजनीतिक उठापटक के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को भाजपा में शामिल हो गये। भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पार्टी मुख्यालय में सिंधिया को पार्टी की सदस्यता दिलायी। सिंधिया भाजपा मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए। सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वह आहत थे क्योंकि वह अपने पूर्व संगठन (कांग्रेस) में लोगों की सेवा नहीं कर पा रहे थे।

नड्डा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज हम सबके लिए बहुत खुशी का विषय है और आज मैं हमारी वरिष्ठतम नेता दिवंगत राजमाता सिंधिया जी को याद कर रहा हूं। भारतीय जनसंघ और भाजपा दोनों पार्टी की स्थापना से लेकर विचारधारा को बढ़ाने में (उनका) एक बहुत बड़ा योगदान रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ ज्योतिरादित्य जी आज अपने परिवार में शामिल हो रहे हैं, मैं इनका स्वागत करता हूं और हार्दिक अभिनन्दन भी करता हूं।’’

नड्डा ने कहा, ‘‘हमारे लिए राजमाता जी एक आदर्श तथा हम सब के लिए वह एक दृष्टि और दिशा देने वाली नेता रही हैं। उन्होंने पार्टी को शैशव काल से उसकी विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम किया। आज बहुत खुशी की बात है कि उनके पौत्र ज्योतिरादित्य सिंधिया जी भाजपा में शामिल हुए है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा एक लोकतांत्रित पार्टी है जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास एवं सबका विश्वास के आधार पर काम होता है। उन्होंने कहा कि सभी को अपनी बात रखने और देश के लिये काम करने का मौका मिलता है और वह (सिंधिया) उन्मुक्त वातावरण में अपनी बात रख सकेंगे, काम कर सकेंगे। 

इसे भी पढ़ें: बहुमत साबित कर देगी कमलनाथ सरकार, समझने में गलती हुई कि सिंधिया कांग्रेस छोड़ देंगे: दिग्विजय

वहीं, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं सर्वप्रथम आदरणीय नड्डा जी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी को धन्यवाद देना चाहूंगा कि आपने मुझे अपने परिवार में आमंत्रित किया और एक स्थान दिया।’’ सिंधिया ने कहा कि अभी जो कांग्रेस पार्टी है, वह पार्टी नहीं है जो पहले थी। उन्होंने अपने कांग्रेस छोड़ने के कारणों में ‘‘कांग्रेस पार्टी में वास्तविकता से इंकार’’ तथा ‘‘नई सोच, विचारधारा एवं नये नेतृत्व को मान्यता नहीं मिलना’’ बताया।

सिंधिया ने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में ‘‘एक सपना हमने पिरोया था, जब वहां सरकार बनी। लेकिन 18 महीने में वो सारे सपने बिखर गए। चाहे वो किसानों के ऋण माफ़ करने की बात हो, पिछले फसल का बोनस न मिलना हो, ओलावृष्टि से नष्ट फसल आदि का भी मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है।’’ मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार पर वचनपत्र पालन करने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में किसान त्रस्त है, नौजवान परेशान है और रोजगार के अवसर नहीं है। 

इसे भी पढ़ें: सिंधिया के इस्तीफे के बाद गहलोत ने साधा BJP पर निशाना, कहा- मुल्क सबक सिखाएगा

सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में देश दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ा है और वह भविष्य की चुनौतियों को परखते हुए उसका क्रियान्वयन कर रहे हैं । मोदी के नेतृत्व में भारत का भविष्य सुरक्षित है। गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और उनके साथ ही 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था। इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली 15 महीने पुरानी कांग्रेस सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है। 

मंगलवार की सुबह जब देश होली मना रहा था, तभी सिंधिया ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित आवास पर मुलाकात की। इससे पहले, मंगलवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी के साथ सिंधिया की बैठक लगभग एक घंटे तक चली। इसके बाद सिंधिया ने ट्विटर पर अपना इस्तीफा पोस्ट किया था। सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने कहा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते सिंधिया को निष्कासित किया गया है। समझा जाता है कि सिंधिया को राज्यसभा भेजे जा सकता है । वहीं, बाद सिंधिया को केंद्र सरकार में मंत्री बनाया जा सकता है।

इसे भी पढ़ें: बागी विधायक भाजपा में नहीं होना चाहते शामिल, कांग्रेस सूत्र का दावा- 14 विधायक हमारे संपर्क में

इससे पहले मंगलवार को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक भी हुई जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इसमें राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवारों के मुद्दे पर चर्चा हुई। मध्य प्रदेश में यह राजनीतिक स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव हो रहे हैं। गुना के पूर्व सांसद के समर्थक विधायकों का दावा है कि सिंधिया अपनी ‘‘अनदेखी’’ से ‘‘क्षुब्ध’’ हैं। पिछले काफी समय से सिंधिया और कमलनाथ के बीच खींचतान की खबरें आ रही थी । दिसंबर 2018 में मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाया।

हालांकि, समस्या हाल में तब बढ़ गई जब सरकार में सिंधिया समर्थकों को दरकिनार किये जाने और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने की उनकी महत्वाकांक्षा पूरी नहीं होने की खबरें आईं । ऐसी भी खबरें आई कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व उनकी शिकायतें सुनने को तैयार नहीं था। मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव 26 मार्च को होने हैं जबकि प्रदेश विधानसभा का सत्र 16 मार्च को बुलाया गया है।

इसे भी देखें: सिंधिया के इस्तीफे के बाद अब बन सकती है भाजपा की सरकार

प्रमुख खबरें

RCB की ओपनिंग जोड़ी पर फिर टिकी निगाहें, नेट्स में Phil Salt को बॉलिंग कराते दिखे Kohli

Cyprus में Chess Tournament पर बड़ा विवाद, FIDE के दावों के बीच Koneru Humpy ने नाम वापस लिया

Kylian Mbappe Injury: Real Madrid की मेडिकल टीम की बड़ी लापरवाही, गलत घुटने का होता रहा इलाज

हवाई सफर होगा और महंगा! IndiGo ने दी चेतावनी, बढ़ते Fuel Price से आपकी जेब पर पड़ेगा बोझ।