कांग्रेस का काम ही है झूठ बोलना और गुमराह करनाः विश्वास सारंग

By सुयश भट्ट | Jun 02, 2021

भोपाल। मध्यप्रदेश में हनी ट्रैप को लेकर अब सियासत शुरू गई है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से हनी ट्रैप की पेनड्राइव को लेकर जांच कर रही एसआईटी की टीम आज उनके बंगले पहुंचने वाली थी। लेकिन एसआईटी के पहुंचने से पहले ही कमलनाथ दिल्ली रवाना हो गए। अब बीजेपी कमलनाथ पर हमलावर हो गई है। 

इसे भी पढ़ें: नरोत्तम मिश्रा ने भारतीय वैक्सीन की बुराई करने वालों को दी नसीयत, कहा पाकिस्तान की बनाई गई वैक्सीन लगवा लें

प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि, कमलनाथ का झूठ अब सबके सामने आता जा रहा हैं। सेंसेशनल न्यूज़ बनाना और लोगों को गुमराह करना कांग्रेस की आदत बन गई है। उन्होंने कहा कि इस कारण समाज मे अविश्वास उत्पन्न होने लगता है। सारंग ने कहा कि वह व्यक्ति जो 50 सालों तक अलग-अलग संवैधानिक पद पर रहा और जो इस प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा उसको झूठे बयान नहीं देने चाहिए। सारंग ने कहा कि अब कमलनाथ को बताना होगा कि हनी ट्रैप की पेनड्राइव जिसे वह अपने पास होने का दावा कर रहे है वह कहां पर है।

कोरोना को लेकर मंत्री सारंग ने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अब जनजीवन वापस पटरी पर आ जाए और इसके साथ संक्रमण भी ना बढ़े। रोजाना कोरोना संक्रमण को लेकर समीक्षा की जा रही है ताकि कहीं भी संक्रमण ना बढ़े। सारंग ने जनता से अपील की यदि कोरोना से स्वयं को और अपने परिवार को सुरक्षित रखना है तो कोरोना प्रोटोकॉल ज़रूरी है और उसका पालन करना होगा।

इसे भी पढ़ें: भोपाल जूडा अध्यक्ष के घर पर पुलिस ने की दबिश, माता-पिता को धमकाने का आरोप

धीरे-धीरे हम पूरी तरह से बाजार को खोलने की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने जो कोविड कंट्रोल टीम बनाई थी उसका प्रयोग सफल रहा। भोपाल में कल 500 लोगों की टीम ने पूरे शहर भर में निकल कर सुनिश्चित किया कि जहां भी दुकानें खुली है वहां पर कोरोना प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जा रहा है या नहीं।

प्रमुख खबरें

Sonam Wangchuk के HIAL पर मातृत्व लाभ न देने का आरोप, Leh लेबर कोर्ट सुनाएगी फैसला

West Bengal Investment Policy: नई नीति में उद्योगों को 120 प्रतिशत तक वित्तीय मदद

Uday Kotak बोले Global AI बूम कमजोर होने पर भारत का रुख करेंगे विदेशी निवेशक

ISSF World Championship: 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में चूकीं Manu Bhaker, नहीं मिला ओलंपिक कोटा