By दिनेश शुक्ल | Apr 27, 2021
रतलाम। कोरोना काल में विवाह समारोह आयोजित करने को लेकर कई नियम शासन-प्रशासन द्वारा बनाए गए हैं। लेकिन इस सब के बावजूद लोगो कोरोना संक्रमित होने के बाद भी शादी समारोह रोकने का नाम नहीं ले रहे है। भले बराती और घराती की संख्या नाम मात्र की ही क्यों न हो और वह कोरोना संक्रमित ही क्यों न हो जाए। ऐसा ही एक विवाह सोमवार को रतलाम में देखने में आया। जहाँ वर-वधु ने पीपीई किट पहनकर सात फेरे लिए, यह शादी पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
रतलाम के रहने वाले इंजीनियर आकाश वर्मा निवासी पशुराम विहार कालोनी तथा महेश नगर निवासी संजना वर्मा के बीच यह विवाह संपन्न हुआ। 19 अप्रैल 2021 को आकाश कोरोना पॉजिटिव आए थे। जिसके बाद 19 अप्रैल को ही दूल्हे के घर को कंटेनमेंट एरिया घोषित कर आने-जाने के सारे रास्ते बंद कर दिए गए थे। लेकिन घरवालों ने शादी समारोह रद्द नहीं किया और एक मैरीज हाल में यह विवाह संपन्न करवाने के लिए पहुँच गए।
लेकिन प्रशासन को जैसै ही इसकी भनक लगी, तो तहसीलदार शादी रुकवाने के लिए वहां पहुंच गए। जिसके बाद तहसीलदार ने कोरोना नियमों का पालन करवाते हुए काफी मन्नतों के बाद शादी संपन्न करने की इजाजात दी। जिसके बाद वर-वधु को पीपीई किट पहनाकर फेरे करवाए गए और कोरोना पॉजिटिव दुल्हे ने दुल्हन को मंगलसूत्र पहनाया। इस दौरान साथ ही विवाह संपन्न करवाने वाले पंडित ने भी पीपीई किट पहन रखी थी।