By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Mar 16, 2023
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कोयला द्वारा संचालित कई बिजली संयंत्रों ने विद्युत उत्पादन के लिए बायोमास या कृषि अवशेष इस्तेमाल करने के दिशा निर्देशों का पालन करने पर बहुत कम प्रगति की है। विज्ञान एवं पर्यावरण केंद्र (सीएसई) द्वारा बृहस्पतिवार को जारी एक नए अध्ययन से यह जानकारी मिली है। केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने अक्टूबर 2021 में संयंत्रों को बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाले पांच से 10 प्रतिशत कोयले के स्थान पर बायोमास या कृषि अवशेष का प्रयोग करने का आदेश दिया था।
उन्होंने कहा कि इसकी एक बड़ी वजह भारी मांग-आपूर्ति में अंतर भी है। सीएसई ने यह भी पाया कि कुछ संयंत्रों जैसे कि पानीपत और राजीव गांधी ताप विद्युत केंद्र ने हरियाणा के बिजली नियामक आयोग में अपील करके बायोमास को एक साथ जलाने संबंधी नीति के पालन से छूट लेने की भी कोशिश की। हालांकि, आयेाग ने इस अनुरोध को ठुकरा दिया।