By अभिनय आकाश | Jul 17, 2026
दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजधानी के बीच चल रहे नकली नोट छापने और चलाने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है और इसके मुख्य सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने नवी मुंबई में इस नेटवर्क से जुड़ी एक प्रिंटिंग यूनिट का भी पता लगाया है। गिरफ्तार लोगों की पहचान नवी मुंबई के रहने वाले 62 वर्षीय नटराज मोहन कंचन, मुंबई के 38 वर्षीय विनोद मुन्नीलाल जायसवाल और दिल्ली के मकसूदपुर के रहने वाले 55 वर्षीय सुभाष चंद्र के तौर पर हुई है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने कुल 299 नकली नोट बरामद किए। बाद में उन्होंने बताया कि इनमें 100 रुपये के 286 नकली नोट, 500 रुपये के 13 नकली नोट और 500 रुपये के छह नकली सैंपल नोट शामिल थे।
अधिकारी ने बताया पूछताछ के दौरान कंचन ने कथित तौर पर बताया कि वह पहाड़गंज के एक होटल में ठहरा हुआ था। उसके होटल के कमरे में छापेमारी के बाद 100 रुपये के 180 और 500 रुपये के 13 नकली नोट बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि कंचन ने यह भी खुलासा किया कि उसने दिल्ली के रहने वाले चंद्रा को नकली नोट सप्लाई किए थे ताकि उन्हें बाज़ार में चलाया जा सके। चंद्रा को 30 जून को गिरफ़्तार किया गया था और उसके पास से 100 रुपये के 10 नकली नोट बरामद हुए थे। अधिकारी ने बताया कि बाद में जांच के सिलसिले में पुलिस टीम नवी मुंबई गई, जहां मुंबई पुलिस की मदद से कंचन के घर पर नकली नोट छापने का एक यूनिट कथित तौर पर पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि वहां से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, एक लैमिनेशन मशीन, पेपर रोल, वॉटरमार्क वाले कागज़ और नकली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गए।