By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 10, 2026
मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले शनिवार सुबह छह बजे से राष्ट्रीय राजधानी में यातायात संबंधी पाबंदियां लागू कर दी गईं। प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो अवरोधक लगाकर वाहनों की आवाजाही पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
यातायात संबंधी परामर्श के अनुसार, अशोका रोड-जंतर-मंतर रोड गोलचक्कर, टॉलस्टॉय मार्ग-जनपथ चौराहा, जय सिंह रोड-संसद मार्ग चौराहा, रेल भवन गोलचक्कर, पटेल चौक, गोल डाकखाना और विंडसर प्लेस समेत कई स्थानों पर यातायात प्रभावित रहेगा। इसके अलावा मंडी हाउस, चेम्सफोर्ड रोड और संसद मार्ग को कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल मार्ग से जोड़ने वाले चौराहों, बाराखंभा रोड चौराहे तथा मिंटो रोड-दीन दयाल उपाध्याय मार्ग चौराहे पर यातायात प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा चेम्सफोर्ड रोड-कनॉट प्लेस आउटर सर्किल, भैरों रोड-महात्मा गांधी मार्ग चौराहा, लोधी रोड पुल, नीला गुंबद गोलचक्कर, मदरसा टी-पॉइंट, सम्राट होटल गोलचक्कर, सरदार पटेल मार्ग-पंचशील मार्ग चौराहा, भीकाजी कामा प्लेस और मोती बाग पुल के नीचे बने मार्ग तथा रिंग रोड-सैन मार्टिन चौराहे पर भी यातायात प्रभावित हो सकता है।
सुबह-सुबह प्रदर्शन स्थल के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात दिखाई दिए। राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में सड़कों और अवरोधकों के पास जवान तैनात रहे। पुलिस इलाके में आने-जाने वाले वाहनों पर कड़ी नजर रख रही है और कुछ गाड़ियों को रोककर उनकी जांच भी कर रही है।
हालांकि, यातायात सुचारू रहा। यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर चलने की सलाह दी गई है। नयी दिल्ली और मध्य दिल्ली से होकर रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डों या हवाई अड्डे जाने वाले लोगों से अपनी यात्रा की योजना उसी के अनुसार बनाने को कहा गया है।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने शुक्रवार रात नौ बजे से शनिवार को स्थिति सामान्य होने तक 45 मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने की घोषणा की थी। इसके अलावा, शुक्रवार रात 10 बजे से मध्य दिल्ली में 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। यातायात पुलिस ने कहा है कि स्थिति के वास्तविक समय के आकलन के आधार पर पाबंदियों में बदलाव किया जाएगा।
जरूरत के मुताबिक इनमें ढील या सख्ती की सकती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में मतदाता सूचियों में गड़बड़ी करने और मतदाता पंजीकरण के दस्तावेज ‘फॉर्म 6’ में बदलाव के लिए दो सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों की आपत्ति को दरकिनार करने के आरोप लग रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।