By अंकित सिंह | Oct 06, 2022
महाराष्ट्र में शिवसेना पार्टी को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे गुट दोनों का अलग-अलग दावा है। दशहरा के दिन दोनों ओर से शक्ति प्रदर्शन की भी कोशिश की गई। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जहां शिवसेना के कार्यकर्ताओं को बांद्रा कुर्ला कॉन्प्लेक्स के एक मैदान में संबोधित किया तो वही उद्धव ठाकरे ने अपने कार्यकर्ताओं को शिवाजी पार्क में संबोधित किया। शिवसेना के स्थापना के साथ ही बाला साहब ठाकरे लगातार दशहरा के दिन इस तरह की रैली करते आए हैं। शिवसेना में बगावत के बाद यह पहला मौका था जब इस रैली का दो जगह आयोजन किया गया था। एकनाथ शिंदे की रैली में शिवसेना कार्यकर्ताओं का बड़ा हुजूम जुटा था। इसी को लेकर अब देवेंद्र फडणवीस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। देवेंद्र फडणवीस ने साफ तौर पर कहा है कि एकनाथ शिंदे ने साबित कर दिया कि शिवसेना कौन है। आपको बता दें कि एकनाथ शिंदे सरकार में देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री हैं।
वहीं, उद्धव ठाकरे ने कहा था कि जिन्हें हमने सब कुछ दिया, उन्होंने हमारे साथ विश्वासघात किया और जिन्हें कुछ नहीं दिया, वे सब एक साथ हैं। यह सेना एक या दो की नहीं बल्कि आप सभी की है। जब तक आप मेरे साथ हैं, मैं पार्टी का नेता रहूंगा। उद्धव ठाकरे ने आगे कहा था कि हमारी वार्षिक परंपरा के अनुसार, 'रावण दहन' समारोह होगा, लेकिन इस वर्ष का रावण अलग है। समय के साथ रावण भी बदल जाता है... वह अब तक 10 सिर वाला हुआ करता था... उसके पास अब कितने सिर हैं? वह 50 गुना अधिक विश्वासघात कर रहे हैं।