Delhi Election Issues: दिल्ली विधानसभा चुनाव में गंदी यमुना बनी अहम मुद्दा, विपक्षी दलों ने 'आप' पर साधा निशाना

By अनन्या मिश्रा | Jan 25, 2025

देश की राजधानी दिल्ली में विधानसभा चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है। इसके साथ ही राज्य में चुनाव की गर्माहट देखने को मिल रही है। सभी राजनीतिक दल जनता को अपने वादों से लुभाने की कोशिश कर चुकी हैं। इसके अलावा राजनीतिक दल सत्तारूढ़ सरकार को प्रदूषित यमुना नदी के मुद्दे पर घेर रही है। बता दें दिल्ली में इन दिनों प्रदूषित यमुना नदी केंद्रीय मुद्दा बन चुका है। ऐसे में सवाल यह है कि क्या दिल्ली का बढ़ता प्रदूषण और यमुना की गंदगी के आधार पर जनता वोट देगी या फिर यह मुद्दे जनता के लिए मायने नहीं रखते हैं।


प्रदूषित यमुना नदी का मुद्दा 

दरअसल, भारतीय जनता पार्टी यमुना सफाई का मुद्दा जोर-शोर से उठा रही है। इसके साथ ही दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी जमकर निशाना साधा जा रहा है। वहीं दिल्ली की जनता का कहना है कि यमुना नदी पूरी तरह से प्रदूषित हो चुकी है। सिर्फ चुनावी मौके पर या फिर छठ पूजा के मौके पर तमाम राजनीतिक दलों को यमुना नदी की याद आती है। जबकि लोगों की पानी की आपूर्ति पूरी करने में यमुना नदी अहम भूमिका निभा सकती है। लेकिन वर्तमान समय में यमुना नदी इतनी ज्यादा दूषित है कि उसके पानी में हाथ भी नहीं डाला जा सकता है।

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दिल्लीवासियों का कहना है कि चाहे आप पार्टी हो या भाजपा या फिर कांग्रेस पार्टी हो। सभी दलों ने यमुना साफ करने का वादा किया था। दिल्लीवासियों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त दिल्ली देने का वादा किया था। लेकिन किसी भी राजनीतिक दल ने ऐसा नहीं किया है। ऐसे में इस बार जनता बहुत सोच-समझकर वोट करेगी। लोगों का मानना है कि अब फ्री की रेवड़ी नहीं चलेगी। दिल्ली की जनता जागरुक हो चुकी है और जनता यह भी देख रही है कि दिन-प्रतिदिन दिल्ली रहने के लायक नहीं बची है। इसलिए अगर दिल्ली में रहकर खुलकर सांस लेना है, तो दिल्ली की जनता को एक अच्छी सरकार चुनना होगा।


यमुना की सफाई बनी राजनीतिक मुद्दा

दिल्लीवासियों के लिए यमुना नदी का प्रदूषण एक गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे में चुनाव प्रचार के दौरान यमुना नदी का मुद्दा राजनीतिक दलों का सत्तारूढ़ पार्टी पर हमला करने का हथियार बन गई है। सत्तारूढ़ आप पार्टी अपने वादे अनुसार, कई सालों से प्रदूषित नदी को 2025 तक साफ करने में विफल रही है। ऐसे में विपक्षी दल इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रही है और इस प्रदूषित पानी से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को गिना रहे हैं।

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