By एकता | Aug 15, 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को अलास्का में एक बहुप्रतीक्षित बैठक के लिए मिलने वाले हैं। इस शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य यूक्रेन में शांति स्थापित करने के तरीकों पर चर्चा करना है। ट्रंप ने कहा है कि वह बैठक के शुरुआती मिनटों में ही यह तय कर लेंगे कि बातचीत सफल होगी या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर वह राष्ट्रपति नहीं होते तो पुतिन पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर लेते।
युद्ध और शांति पर दोनों नेताओं का रुख
ट्रंप लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि अगर वह राष्ट्रपति होते तो यूक्रेन युद्ध होता ही नहीं। उन्होंने गुरुवार को फिर दोहराया कि यह युद्ध 'कभी नहीं होना चाहिए था।' वहीं, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस बैठक से 'उपयोगी बातचीत' की उम्मीद जताई है। फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण का आदेश देने के बाद यह पुतिन की पश्चिमी धरती की पहली यात्रा है।
यूक्रेन की प्रतिक्रिया
इस बैठक से ठीक पहले, रूस ने जमीन पर अपनी सैन्य प्रगति को धीमा करने का कोई संकेत नहीं दिया है। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से युद्धरत पक्षों के बीच क्षेत्रीय अदला-बदली का विचार रखा है, ताकि शांति स्थापित हो सके। हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, जिन्हें इस शिखर सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया था, ने इस संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।