US से अस्थायी छूट के बदले स्थायी रियायतें न दे भारत, GTRI ने दी Energy Security की सलाह

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 17, 2026

थिंक टैंक जीटीआरआई ने शनिवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट (एसआरआईए) के तहत प्रतिबंधों, पाबंदियों और शुल्कों से दी गई छूट भारत को केवल अस्थायी राहत दे सकती है, लेकिन इससे कोई स्थायी निश्चितता नहीं मिलेगी। थिंक टैंक ने कहा कि ऐसे में नयी दिल्ली को अपनी ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करनी चाहिए और वाणिज्यिक शर्तों पर तेल खरीदना जारी रखना चाहिए। 

थिंक टैंक ने बताया कि भारतीय तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी जुलाई के 51 प्रतिशत से गिरकर अगस्त में 44 प्रतिशत रह गई, क्योंकि ऊंची कीमतों के बावजूद भारत ने अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से अधिक खरीदारी की। जीटीआरआई के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा, भारत के लिए यह छूट कुछ राहत जरूर देती है, लेकिन कोई स्थायी निश्चितता नहीं। भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा करनी चाहिए, वाणिज्यिक शर्तों पर तेल खरीदना चाहिए और नए सिरे से पड़ने वाले अमेरिकी दबाव के लिए तैयार रहना चाहिए। 

अस्थायी शुल्क राहत के चलते स्थायी व्यापार रियायतें नहीं देनी चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि यह छूट अमेरिकी व्यापार नीति में मौजूद अनिश्चितता को उजागर करती है, जहां वाशिंगटन पहले दंडात्मक कार्रवाई की धमकी देता है और फिर जब उन्हें लागू करना असुविधाजनक हो जाता है तो पीछे हट जाता है। उन्होंने कहा कि एसआरआईए 18 सितंबर को कानून बना, लेकिन नौ अक्टूबर को अमेरिका ने खुद रूसी डीजल खरीदने के लिए समझौता कर लिया।

 ऐसे में दूसरे खरीदारों को दंडित करना अमेरिका के लिए कठिन हो गया था। श्रीवास्तव ने कहा, संदेश बिल्कुल स्पष्ट है - अमेरिकी हित यह तय करते हैं कि दंड कब लागू होगा। चीन मुकाबला कर सकता है। जब तक भारत यह एहसास नहीं कराता है कि दबाव बनाने की एक कीमत चुकानी पड़ती है, तब तक उस पर बार-बार दबाव का जोखिम बना रहेगा।

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