By अंकित सिंह | Oct 03, 2026
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट ने शुक्रवार को कहा कि उसने उत्तर प्रदेश के एक मदरसा टीचर का 53.46 लाख रुपये का प्लॉट ज़ब्त कर लिया है। आरोप है कि ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद भी वह राज्य सरकार से सैलरी और पेंशन लेते रहे। एजेंसी ने एक बयान में कहा कि शम्सुल हुदा खान के खिलाफ़ मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून के तहत एक मामले में, संत कबीर नगर जिले के खलीलाबाद गांव में स्थित 189.75 वर्ग मीटर ज़मीन के टुकड़े को केंद्रीय एजेंसी के लखनऊ ज़ोनल ऑफिस ने अस्थायी रूप से ज़ब्त कर लिया।
ED के मुताबिक, खान ने कथित तौर पर अपने सरेंडर किए गए भारतीय पासपोर्ट के साथ-साथ अपने PAN, आधार और वोटर ID का इस्तेमाल करके संत कबीर नगर में अचल संपत्तियां खरीदीं। राज्य सरकार ने उनकी सैलरी, पेंशन और GPF के तौर पर उनके बैंक अकाउंट में कुल 53.46 लाख रुपये जमा किए थे, जिसे ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत "अपराध से हुई कमाई" (proceeds of crime) बताया।
एजेंसी ने बताया कि चूंकि फंड का गलत इस्तेमाल किया गया था, इसलिए उतनी ही कीमत की एक प्रॉपर्टी को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया गया। मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR से जुड़ा है। ED ने फरवरी में इस मामले के सिलसिले में तलाशी ली थी।