By अभिनय आकाश | Jul 09, 2026
क्या तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने एक लग्जरी जेट और एक हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए पैसे दिए और फिर उसी विमान को खुद ही किराए पर ले लिया? यह अजीबोगरीब सवाल इस समय प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस मनी लॉन्ड्रिंग जांच के केंद्र में है, जो ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के बैंक खातों को लेकर चल रही है। पार्टी की मुश्किलें बढ़ाते हुएईडी ED ने टीएमसी के तीन बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है, जिनमें ₹440 करोड़ जमा हैं। इस कार्रवाई को पार्टी ने राजनीति से प्रेरित बताया है। खास बात यह है कि यह पहली बार है जब ED सिर्फ और सिर्फ किसी राजनीतिक दल की फंडिंग की जांच कर रही है। इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के खातों की भी जांच की गई थी, लेकिन वह दिल्ली शराब नीति मामले की जांच का एक हिस्सा था। इस नए घटनाक्रम से टीएमसी पर शिकंजा और कस गया है, जिसके नेता पहले से ही सिग्नेचर फोर्जरी (फर्जी हस्ताक्षर) से लेकर जमीन हड़पने तक के कई मामलों का सामना कर रहे हैं।
अब यहीं से मामला दिलचस्प हो जाता है और ED की दिलचस्पी भी इसमें बढ़ गई है। फाइनेंशियल जांच एजेंसी को पता चला है कि हेलिकॉप्टर और एम्ब्रेयर जेट, दोनों ही तृणमूल को किराए पर दिए गए थे। यह तब हुआ, जब केयरवेल ने पार्टी से ट्रांसफर किए गए पैसों का इस्तेमाल करके ये एयरक्राफ्ट खरीदे थे। आसान शब्दों में कहें तो, यह स्थिति वैसी ही है जैसे कोई अपने पैसे से बिल्कुल नई कार खरीदे और फिर उसी कार को इस्तेमाल करने के लिए किराया दे। बंगाली दैनिक 'आनंदबाजार पत्रिका' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केयरवेल एविएशन ने VVIPs को चार्टर सर्विस दी थी, जिनमें ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी जैसे TMC के बड़े नेता भी शामिल थे। ईडी ने अपने बयान में कहा, इन एम्ब्रेयर 600 एयरक्राफ्ट और अगस्ता हेलीकॉप्टर को बाद में खुद TMC को ही किराए पर दिया गया, जबकि इन्हें पार्टी के फंड से खरीदा गया था। इसके बाद, एयरक्राफ्ट के इस्तेमाल के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर की गई।
ED अब इस कदम के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। एजेंसी को शक है कि ऐसा शायद ट्रांज़ैक्शन के असली मकसद को छिपाने के लिए किया गया हो। हो सकता है कि इन ट्रांज़ैक्शन का इस्तेमाल पार्टी के फंड को इधर-उधर करने के लिए किया गया हो। यह जांच बिधाननगर पुलिस की तरफ़ से दर्ज FIR पर आधारित है। यह बागी TMC विधायक विश्वनाथ दास की शिकायत पर शुरू हुई है। दास मई में रताब्रता बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी टीएमसी गुट में शामिल हो गए थे। तृणमूल ने इसे गलत बताते हुए BJP पर आरोप लगाया है कि वह अपने विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जांच एजेंसियों का "गलत इस्तेमाल" कर रही है। पार्टी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि उसके खातों में मौजूद सभी फंड की जानकारी पारदर्शी तरीके से दी गई थी।