By रेनू तिवारी | Oct 21, 2026
शिवसेना की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए एकनाथ शिंदे ने बिना नाम लिए उद्धव ठाकरे पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 में जनादेश के साथ सबसे बड़ा धोखा हुआ था। शिंदे ने कहा, ‘‘आपने तो चुनाव भी नहीं लड़ा था, आप पिछले दरवाजे से आए और मुख्यमंत्री बन गए। यह जनादेश के खिलाफ एक बड़ी डकैती थी।’’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है (जैसे तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में), तब ईवीएम या वोट चोरी की याद नहीं आती, लेकिन हारने पर वे बेबुनियाद आरोप लगाने लगते हैं।
‘इंडिया’ गठबंधन की तुलना रावण से: शिंदे ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को दस सिरों वाले राक्षस राजा रावण की तरह बताया और कहा कि इसका पुतला जलाया जाना चाहिए।
किसानों के लिए मदद: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सरकार पानी की कमी और सूखे से जूझ रहे किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और दिवाली मनाने के लिए प्रभावित किसानों को 100 टन अनाज भेजा गया है।
कांग्रेस और विपक्ष पर दोहरे मापदंड का आरोप: शिंदे ने कहा कि चुनाव जीतने पर विपक्ष शांत रहता है और हारने पर ‘वोट चोरी’ का रोना रोता है, जो उनकी दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।
शिंदे ने मतदाता सूची को लेकर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाए और कहा कि विपक्षी गठबंधन इंडिया दस सिरों वाले राक्षस राजा रावण की तरह है, जिसका पुतला जलाया जाना चाहिए। शिंदे ने यहां शिवसेना की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार और उनकी पार्टी पानी की कमी के कारण नुकसान झेल रहे किसानों के साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर 70 वर्षों तक देश को लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी पहले ‘बूथ कैप्चरिंग’ के जरिये चुनाव जीतती थी, वह अब मतपत्र के जरिये मतदान की मांग कर रही है। शिवसेना प्रमुख ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले मतदाताओं की संख्या बढ़ने पर चिंता जताई थी और अब नामों को हटाए जाने पर सवाल उठा रहा है। शिंदे ने कहा, ‘‘यह दोहरा मापदंड है और रोज की नयी नौटंकी है। ‘इंडिया’ दस मुंह वाला रावण है और हमें इसका पुतला जलाना होगा।’’ उन्होंने दावा किया कि विपक्ष डॉ. बीआर आंबेडकर के बनाए संविधान को कमजोर करना चाहता है।
शिंदे ने शिवसेना (उबाठा) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि असल में ‘वोट चोरी’ 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद हुई थी, जब अविभाजित शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए अविभाजित राकांपा और कांग्रेस के साथ हाथ मिला लिया था। शिवसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘आपने तो चुनाव भी नहीं लड़ा। आप पिछले दरवाजे से आए और मुख्यमंत्री बन गए। आपने जनादेश के साथ धोखा किया और पद हथिया लिया। यह जनादेश के खिलाफ एक बड़ी डकैती थी।’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘जब आप हारते हैं, तो आप इसे वोट चोरी कहते हैं और गड़बड़ी का आरोप लगाने लगते हैं।
‘इंडिया’ ने तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में चुनाव जीते। तब वोट चोरी क्यों नहीं हुई?’’ शिंदे ने कहा कि वह भाषण देने के बजाय जमीनी स्तर पर काम करने में यकीन रखते हैं। शिवसेना प्रमुख ने बताया कि उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली मनाने में मदद करने के लिए 100 टन अनाज भेजा है।
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