पितृपक्ष की समाप्ति! कोलकाता के गंगा घाटों पर तर्पण के लिए उमड़ी भीड़

By निधि अविनाश | Oct 06, 2021

बुधवार को महालया के साथ ही दुर्गा पूजा की शुरुआत हो जाएगी। बता दें कि दुर्गा पूजा के पहले महालया का अपना एक खास महत्व है।बंगाल में इस दिन को लोग खास तरीके से मनाते हैं। इसके साथ ही जिन राज्यों में दुर्गा पूजा धूमधाम से मनाया जाता है उन राज्यों में भी महालया का विशेष महत्व है। लोग महालया का साल भर लोग प्रतीक्षा करते हैं।

इसे भी पढ़ें: इस दुर्गा पूजा इन 10 टेस्टी बंगाली पकवानों को मिस करना नहीं चाहेंगे आप! यहां देखें

हिंदू धर्म में महालया का अपना एक अलग महत्व होता है। यह अमावस्या के आखरी दिन मनाया जाता है जो पितृपक्ष का भी अंतिम दिन होता है। जानकारी के लिए बता दें कि, महालय का अर्थ है तर्पण, और तर्पण के लिए सुबह से ही गंगा घाटों पर भीड़ उमड़ रही है।महालय के दिन तर्पण पितरों का तर्पण होता है।दक्षिणेश्वर से लेकर बागबाजार, कुमारतुली, अहिरीटोला या बाबूघाट तक सुबह से ही कोलकाता के विभिन्न घाटों पर भीड़ जमा हो रही है।कुछ घाटों पर सुबह से ही तर्पण के लिए लंबी लाइन लग गई है।

पुलिस की कड़ी सुरक्षा

बता दें कि गंगा घाटों पर भारी भीड़ उमड़ने के कारण पुलिस ने कड़ी सुरक्षा कर रखी है ताकि कोई हादसा न हो सके। पुलिस नदी के करीब गश्त कर रही है। आपदा दल के सदस्यों को भी तैयार किया गया है। वहीं कुमारतुली से विभिन्न गंगा घाटों पर फोटोजर्निस्ट भी जुटे हुए हैं। दुर्गा पूजा को लेकर तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में है और बंगाली समुदाय में इस समय काफी उल्लास का माहौल बना हुआ है। 

प्रमुख खबरें

Chaitra Navratri 2026: नौ दिन, नौ देवियों के नौ Lucky Colour, जानें किस रंग से चमकेगी आपकी किस्मत

Parliament में दो रंग: Lok Sabha में MSP पर तीखी तकरार, Rajya Sabha में भावुक विदाई का पल

IRCTC की श्री रामायण यात्रा: Ayodhya से Rameswaram तक, एक ही Tour में होंगे प्रभु राम के दर्शन

Modi Cabinet Decisions: BHAVYA योजना से मिलेंगे लाखों रोजगार, हाईवे, हाइड्रो पावर और MSP पर भी हुआ बड़ा फैसला