Shaurya Path: Ajeya Warrior, AMAR, Surya Kiran Military Exercise और AK-203 की ताकत देख दुश्मनों के होश उड़ना तय है

By नीरज कुमार दुबे | Nov 26, 2025

राजस्थान के महाजन फ़ील्ड फ़ायरिंग रेंज में भारत और ब्रिटेन की सेनाओं के बीच द्विवार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेया वॉरियर 2025’ का आठवाँ संस्करण जारी है। यह अभ्यास दोनों सेनाओं की इंटरोपरेबिलिटी बढ़ाने, सेमी-अर्बन इलाकों में कंपनी-स्तर के समन्वित अभियान विकसित करने और वैश्विक सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को मज़बूत करने पर केंद्रित है। वहीं लद्दाख और सिक्किम सेक्टरों में त्रिशक्ति कोर के सैनिक 14,000 फीट की अत्यधिक ऊँचाई पर AMAR (Army Martial Arts Routine) प्रशिक्षण ले रहे हैं, जो सैनिकों को बेहद कठोर जलवायु में बिना हथियार निकट युद्ध की क्षमता और धैर्य प्रदान करता है।


उधर, भारत और नेपाल के बीच वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘सूर्य किरण-19’ 25 नवंबर से 8 दिसंबर 2025 तक पिथौरागढ़ में आयोजित किया जा रहा है। इसका लक्ष्य जंगल युद्ध, पहाड़ी इलाकों में काउंटर-टेररिज़्म ऑपरेशन और अत्याधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग में सामरिक तालमेल व सामंजस्य को बढ़ाना है।

इसे भी पढ़ें: CDS अनिल चौहान ने घरेलू रक्षा उद्योग क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और स्वदेशीकरण की पोल खोल दी

इसी बीच भारतीय सेना ने आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत निर्मित नई पीढ़ी की AK-203 राइफल ‘शेर’ का विशेष वीडियो “Shadows and Steel” जारी किया है, जो इसके असेंबली से लेकर फ़ायरिंग तक की क्षमता को दिखाता है। अमेठी के कोरवा प्लांट में बन रही यह राइफल इंसास की जगह सेना की नई रीढ़ बनेगी। दिसंबर महीने तक पूरी तरह स्वदेशी बैच आने की उम्मीद है।


देखा जाये तो वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल, युद्ध की बढ़ती चुनौतियों, हाइब्रिड वारफेयर की धुंध और सीमाओं पर बदलते समीकरणों के इस युग में कोई देश सिर्फ़ कागज़ी आश्वासनों या विदेशी सुरक्षा गारंटी पर ज़िंदा नहीं रह सकता। भारत आज इस सच्चाई को पूरी गंभीरता से समझ चुका है और अपनी तैयारी से दुनिया को चौंका भी रहा है।


अजेया वॉरियर, सूर्य किरण, उच्च हिमालयी AMAR प्रशिक्षण और AK-203 ‘शेर’ की दहाड़, ये चार उदाहरण किसी युद्धाभ्यास भर के नाम नहीं हैं। ये आधुनिक भारत की उभरती सैन्य शक्ति, आत्मनिर्भर रक्षा क्षमता और रणनीतिक परिपक्वता के चार स्तंभ हैं।


‘अजेया वॉरियर’ अभ्यास पर टिकीं दुनिया की नजरें


अजेया वॉरियर की बात करें तो आपको बता दें कि राजस्थान के धधकते समतल में ब्रिटेन की सेना के साथ हो रहा ‘अजेया वॉरियर’ अभ्यास सिर्फ़ दो मित्र सेनाओं के बीच मैत्री नहीं है। यह भारत का वह संदेश है, जिसे दुनिया ध्यान से सुन रही है कि आज की भारतीय सेना किसी एक मोर्चे पर नहीं, हर मोर्चे पर तैयार है। इस अभ्यास के तहत सेमी-अर्बन कॉम्बैट, कंपनी-स्तर के संयुक्त ऑपरेशंस, इंटरऑपरेबिलिटी और ऑपरेशनल रेडीनेस की तैयारी की जा रही है। ये वे क्षमताएँ हैं जिनकी आवश्यकता भविष्य के संघर्षों में विशेषकर उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर अत्यधिक महसूस होगी।


AMAR ने दुश्मनों को चौंकाया


वहीं AMAR की बात करें तो आपको बता दें कि 14,000 फीट की ऊँचाई पर जहाँ सांस भी बोझ बन जाती है, वहाँ भारतीय सैनिकों का AMAR (Army Martial Arts Routine) प्रशिक्षण केवल क्लोज़-क्वार्टर कॉम्बैट नहीं है, यह स्टील के शरीर और आग के संकल्प वाले सैनिक की वास्तविक परीक्षा है। कम ऑक्सीजन, हड्डियाँ जमा देने वाली ठंड, पथरीली ढलानें, हर कदम पर मृत्यु की चुनौती जैसी परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों का शौर्य, उनका कदम, उनकी साँस, सब कुछ दुश्मन के लिए चेतावनी है कि अगर पहाड़ भारत को रोक नहीं सके, तो दुश्मन की क्या हैसियत है? यह प्रशिक्षण बताता है कि भारतीय सेना सिर्फ़ हथियारों पर नहीं, कौशल, कठोरता और इच्छाशक्ति पर खड़ी है।


सूर्य किरण की बात ही निराली है


वहीं सूर्य किरण अभ्यास की बात करें तो आपको बता दें कि नेपाल और भारत के बीच यह वार्षिक सैन्य अभ्यास एक भौगोलिक साझेदारी भर नहीं है। यह उन परिस्थितियों का अभ्यास है, जो वास्तविक युद्ध स्थितियों में निर्णायक सिद्ध होंगी। भारत-नेपाल द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास 'सूर्यकिरण' का 19वां संस्करण उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में शुरू हुआ है। इसका उद्देश्य जंगली क्षेत्र में युद्ध, पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों और थल एवं नभ में एकीकृत अभियानों में बटालियन स्तर के तालमेल को मजबूत करना है। भारतीय दल में 334 कर्मी शामिल हैं, जिसका प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से 'असम रेजिमेंट' के सैनिक कर रहे हैं, जबकि नेपाल पक्ष का प्रतिनिधित्व 'देवी दत्त रेजिमेंट' के 334 सैनिक कर रहे हैं। यह अभ्यास आठ दिसंबर को समाप्त होगा। इस अभ्यास का यह संस्करण विशिष्ट और उभरती प्रौद्योगिकियों को शामिल करने पर केंद्रित होगा। देखा जाये तो भारत और नेपाल का यह जुड़ाव न सिर्फ़ सीमा सुरक्षा, बल्कि भू-राजनीतिक स्थिरता को भी मजबूत बनाता है, जहाँ चीन की विस्तारवादी नज़रें लगातार सक्रिय रहती हैं।


आ गया भारत का शेर


वहीं AK-203 ‘शेर’ की बात करें तो आपको बता दें कि “शैडोज़ एंड स्टील'' नामक 24 सेकंड की वीडियो दुनिया को भारतीय सेना का शौर्य बताने के लिए पर्याप्त है। AK-203 केवल एक असॉल्ट राइफल नहीं है यह भारत की ओर से की गयी एक बड़ी घोषणा है कि “अब हम अपने हथियार खुद बनाएँगे, बेहतर बनाएँगे और समय से पहले बनाएँगे।” 700 राउंड प्रति मिनट, एडवांस्ड ऑप्टिक्स रेल, बेहतर एर्गोनॉमिक्स, 100% स्वदेशी बैच, अमेठी के कोरवा प्लांट में उत्पादन, यही वह आत्मविश्वास है जिसकी भारत को दशकों से तलाश थी। INSAS की सीमाओं से बाहर निकलकर आज भारत की सेना को वह हथियार मिल रहा है जो वास्तव में मैदान पर “विश्वास” पैदा करता है। ‘शेर’ सिर्फ़ राइफल का नाम नहीं— भारतीय आत्मनिर्भरता की आवाज़ है।


भारतीय सेना की नई रणनीति!


हम आपको बता दें कि भारत की सैन्य रणनीति तीन स्तंभों पर खड़ी हो चुकी है। पहली है साझेदारी आधारित सुरक्षा। इसके तहत UK, Nepal, फ्रांस, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ संयुक्त अभ्यासों की बढ़ती श्रृंखला यह दिखाती है कि भारत अकेला नहीं है और अकेले रहने की आवश्यकता भी नहीं है। दूसरा स्तंभ है आत्मनिर्भर हथियार प्रणाली। AK-203, ATAGS हॉवित्जर, पिनाका, तेजस, अर्जुन मार्क-1A, प्रलय मिसाइल, यह सूची लम्बी होती जा रही है। भारत आज आयातक नहीं, विनिर्माण शक्ति बन रहा है। भारत की सैन्य रणनीति का तीसरा स्तंभ है दुर्गम क्षेत्रों में प्रबल सैन्य उपस्थिति। चाहे सियाचिन हो, दौलत बेग ओल्डी या अरुणाचल की 14,000 फीट की चौकियाँ हों, भारतीय सेना की कठोरता किसी भी वैश्विक सेना से कम नहीं है।


बहरहाल, अजेया वॉरियर के रणभूमि अभ्यास, सूर्य किरण की रणनीतिक साझेदारी, AMAR की कठिन तपस्या और AK-203 की धमक, ये सब मिलकर बताते हैं कि भारत आज युद्ध नहीं चाहता, लेकिन युद्ध का भय भी नहीं खाता। नई दिल्ली से लेकर लद्दाख के ग्लेशियरों तक, महाजन के रेगिस्तान से पिथौरागढ़ के जंगलों तक, हर मोर्चे पर एक ही बात स्पष्ट दिख रही है कि भारतीय सेना तैयार है। भारतीय रक्षा उद्योग तैयार है। और भारत का मनोबल पहले से कहीं अधिक ऊँचा है।

प्रमुख खबरें

Bangladesh में फिर हिंदू निशाने पर, Joy Mahapatro की हत्या के बाद बढ़ा खौफ, परिवार का दावा- सुनियोजित साजिश

Mamata Banerjee का चुनाव आयोग पर सीधा प्रहार, बोलीं- CEC Gyanesh Kumar तानाशाहों जैसा व्यवहार कर रहे

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने SIR समीक्षा के दौरान कांग्रेस और TMC पर किया करारा प्रहार

World Book Fair: युवा लेखकों को मिली खास सलाह, Social Media पर लिखने से पहले खूब करें अध्ययन