By डॉ. अनिमेष शर्मा | Jan 05, 2026
टेक्नोलॉजी की दुनिया में सुरक्षा और भरोसेमंद फीचर्स अब सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गए हैं। हाल ही में गूगल ने दिल्ली में ‘सेफ एंड ट्रस्टेड एआई’ इवेंट का आयोजन किया, जिसमें कंपनी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के सुरक्षित उपयोग और यूजर्स को धोखाधड़ी से बचाने के नए उपायों के बारे में जानकारी दी। खासतौर पर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गूगल ने कई नए फीचर्स और अपडेट्स का ऐलान किया। आइए जानते हैं इन नए अपडेट्स के बारे में विस्तार से।
गूगल ने भारत के लिए AI सेफ्टी अपडेट्स पेश किए हैं, जो डिजिटल दुनिया में सुरक्षा की नई मिसाल साबित हो सकते हैं। इन अपडेट्स में वित्तीय ऐप्स जैसे Google Pay, Paytm और Navi के लिए सुरक्षा फीचर्स शामिल हैं। इसके अलावा, SMS OTP की जगह आने वाली नई तकनीक और SynthID AI वॉटरमार्किंग डिटेक्शन टूल को बढ़ावा देना भी शामिल है। गूगल का कहना है कि ये फीचर्स AI का इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाएंगे, जिससे यूजर्स को धोखाधड़ी और घोटालों से बचाया जा सके।
गूगल ने बताया कि अब Pixel स्मार्टफोन्स पर Gemini Nano टेक्नोलॉजी के जरिए रियल-टाइम स्कैम डिटेक्शन फीचर उपलब्ध होगा। इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह फोन पर ही संदिग्ध पैटर्न का विश्लेषण करता है और स्कैम की आशंका होने पर तुरंत अलर्ट भेजता है। विशेष बात यह है कि इस प्रक्रिया में ऑडियो रिकॉर्ड नहीं होता और न ही कोई डेटा गूगल के साथ शेयर किया जाता है। यानी यूजर की प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहती है। यह फीचर डिफॉल्ट रूप से बंद रहता है और इसे यूजर अपनी सहमति से चालू कर सकता है।
गूगल ने यह भी ऐलान किया कि अब AI द्वारा बनाए गए कंटेंट की पहचान करना और भी आसान हो जाएगा। इसके लिए गूगल ने SynthID नामक AI वॉटरमार्किंग और डिटेक्शन टेक्नोलॉजी विकसित की है। अब यह तकनीक शोधकर्ताओं, अकादमिक संस्थानों और मीडिया प्रकाशकों के लिए भी उपलब्ध कराई जा रही है। गूगल प्ले प्रोटेक्ट ने अब तक 11.5 करोड़ से ज्यादा बार ऐसे ऐप्स को इंस्टॉल होने से रोका है, जो जानकारी का गलत इस्तेमाल कर सकते थे। इस कदम का उद्देश्य भारतीय यूजर्स को AI का सुरक्षित और भरोसेमंद इस्तेमाल प्रदान करना है।
स्क्रीन शेयरिंग के दौरान होने वाले धोखाधड़ी के मामलों को रोकने के लिए गूगल ने नया स्क्रीन-शेयरिंग स्कैम अलर्ट फीचर लॉन्च किया है। यह फीचर Android 11 और उससे ऊपर के वर्जन पर काम करेगा। अब अगर कोई यूजर किसी अनजान व्यक्ति के साथ कॉल पर स्क्रीन शेयर करते हुए Google Pay, Paytm या Navi जैसे ऐप्स खोलता है, तो उसे तुरंत अलर्ट मिलेगा। इससे यूजर्स को स्क्रीन शेयरिंग के दौरान होने वाले घोटालों से बचाया जा सकेगा।
गूगल ने एक और बड़ा अपडेट पेश किया है जिसे Enhanced Phone Number Verification (ePNV) कहा जाता है। यह नई तकनीक SMS OTP की जगह लेगी। ePNV पूरी तरह SIM-आधारित सुरक्षा प्रणाली है, जो OTP से जुड़े खतरों को खत्म करती है। इस प्रक्रिया में आपका फोन नंबर सुरक्षित रहता है और वेरिफिकेशन ज्यादा भरोसेमंद तरीके से होता है। इस तकनीक के आने से न केवल धोखाधड़ी कम होगी, बल्कि यूजर्स को OTP की परेशानी भी नहीं होगी।
गूगल का उद्देश्य स्पष्ट है, AI और डिजिटल दुनिया का सुरक्षित उपयोग। चाहे वह रियल-टाइम स्कैम डिटेक्शन हो, AI वॉटरमार्किंग, स्क्रीन शेयर अलर्ट या ePNV, सभी फीचर्स इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। भारतीय यूजर्स अब भरोसेमंद तरीके से डिजिटल लेनदेन और AI का उपयोग कर पाएंगे।
गूगल की यह पहल डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल साबित हो सकती है और आने वाले समय में यह फीचर्स हर स्मार्टफोन यूजर के लिए जरूरी बन सकते हैं। AI के इस युग में, सुरक्षा और भरोसेमंद तकनीकें सबसे अहम हो गई हैं। गूगल के नए फीचर्स जैसे ePNV, Gemini Nano रियल-टाइम स्कैम डिटेक्शन, स्क्रीन-शेयर अलर्ट और SynthID वॉटरमार्किंग, डिजिटल दुनिया को अधिक सुरक्षित और यूजर्स के लिए भरोसेमंद बनाएंगे। यह कदम बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा